उद्योग चैंबर एसोचैम का कहना है कि हाल में छोटे और पेमेंट बैंकों पर मसौदा दिशा निर्देश आने से माइक्रोफाइनेंस कंपनियां, टेलीकॉम कंपनियां और गैर बैकिंग वित्तीय कंपनियों सहित लगभग 100 कंपनियां उत्साहित हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आवेदन आमंत्रित किए जाने पर ये कंपनियां ऐसे बैंकों के लिए आवेदन करेंगी। एसोचैम की एक स्टडी में कहा गया है कि इन बैंकों में दिलचस्पी दिखाने वाली ये कंपनियां अंतिम दिशा निर्देशों की प्रतीक्षा कर रही हैं, जिससे इन कंपनियों को बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करने की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।
एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डीएस रावत ने कहा कि छोटे बैंक सेगमेंट में प्रवेश करने की संभावना तलाश रहीं कंपनियां स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहीं हैं कि क्या छोटे बैंक विभिन्न राज्यों के इंडस्ट्री क्लस्टर में संचालित किए जा सकते हैं या इन्हें सिर्फ किसी राज्य विशेष में ही संचालित किया जा सकता है।
आरबीआई द्वारा जारी किए गए मसौदा दिशा-निर्देश के तहत छोटे बैंक व्यावसायिक बैंकों की तरह सभी बुनियादी बैकिंग सेवाएं मुहैया कर सकेंगी। हालांकि इन बैंकों की इलाके में मौजूदगी सीमित होगी। छोटे बैंक जमाएं एकत्र करने के अलावा किसानों और छोटे और मझोले कारोबारियों और असंगठित क्षेत्र को कम राशि वाले कर्ज दे सकेंगे।
पेमेंट बैंक प्रवासी कामगारों सहित समाज के वंचित तबकों को जमाएं लेने और रुपये भेजने की सुविधाएं मुहैया कराएगा। पेमेंट बैंक कर्ज नहीं दे सकेंगे।