विश्व की सबसे लंबी युवती के सबसे बड़े साइज के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन सफल रहा। दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेंज एंड रिसर्च (एम्स) के तीन विभागों के विशेषज्ञों व तकनीकी टीम ने लगभग पांच घंटों की मेहनत से इस असंभव से ऑपेरशन को सफल बनाया।
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पश्चिम बंगाल स्थित दक्षिण दीनाजपुर जिले के दूरदराज ग्रामीण इलाके की 26 वर्षीय अनामिका (काल्पनिक नाम) दिसंबर 2013 में एनजीओ की सहायता से एम्स पहुंची थी।
यहां डॉक्टरों को 4.5 सेमी के ब्रेन टयूमर की जानकारी मिली, इसलिए सबसे पहले उसी के आपरेशन का निर्णय लिया गया। न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर आशीष सूरी के मुताबिक, मानसिक रूप से बीमार होने के साथ बहुत लंबे कद के हिसाब से सर्जरी उपकरण नहीं थे।
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ट्यूमर 15 सालों से बनना शुरू हुआ था और दस साल की उम्र में इसकी वजह से उसका कद एकदम से बढ़ना शुरू हुआ था। बहरहाल ऑपरेशन हुए छह हफ्ते बीच चुके हैं। अभी तक सब ठीक है पूरी रिपोर्ट तीन माह बाद आएगी।
अब रीढ़ की टूटी हड्डी को जोड़ना, नसों की अकड़न को ठीक करने के साथ-साथ मानसिक बीमारी को दूर करने पर काम होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर सामाजिक रूप से इस युवती का तिरस्कार न होता तो यह युवती इतनी परेशानी में नहीं होती। यह पंद्रह साल से समाज से कटी हुई घर में ही रह रही थी।
नाक से हुआ ऑपरेशन
इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए कंप्यूटर तकनीक का प्रयोग किया गया था, जिसे न्यूरो मैवीगेशन कहा जाता है। इसमें नाक के रास्ते एंडोस्कोपी से ऑपरेशन हुआ। औजार युवती के शरीर के आधार पर बेहद छोटे थे, जिन्हें जोड़कर काम चलाना पड़ा।
यह रही टीम
अनोखे व जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने बनाने वाली टीम में न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर आशीष सूरी के साथ प्रो. बीएस शर्मा, डॉ. अमिताभ दास, डॉ. रिभव पसरीचा और न्यूरो ऐनीस्थीसिया विभाग के प्रो. पी बिट्ठल, प्रो. ए चतुर्वेदी, डॉ. आरएस चौहान, डॉ. कैशव, डॉ. वरुण व डॉ. सुमित के अलावा एंडोक्रनॉलाजी विभाग के प्रो. निखिल टंडन व डॉ. अभिलाशा नय्यर शामिल थे। जबकि सिस्टर ज्योत्सना, सिस्टर जॉन, सिस्टर रेखा और न्यूरो टेक्नीशियन नमप्रसाद व त्रिवेंद्रा ने सहयोग दिया।
झेलनी पड़ी दिक्कतें
युवती की आयु 26 वर्ष, वजन 130 किलो और कद 7 फीट 8 इंच था। अत्यधिक लंबे कद के चलते शरीर के अंग भी बड़े साइज के थे। एनेस्थीसिया के लिए युवती का शरीर फिट नहीं था। ऑपरेशन टेबल से लेकर आईसीयू का बेड और ऑपरेशन के औजार भी युवती के कद के हिसाब से छोटे पड़ गए थे।