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इसके कपड़े उतार दो, सूली पर टांग, फिर जिंदा जला दो, क्योंकि ये...

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हालांकि यहां हम जिस कहानी का जिक्र कर रहे हैं वो अपने देश की नहीं बल्कि पापुआ न्यगिनी की है लेकिन अपने देश में भी ये कुप्रथा सदियों से चली आ रही है।
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बीवी को सांप के साथ सेक्स करने के लिए करता था मजबूर

कानूनी दबाव और जागरुकता के चलते, भले इसमें कुछ कमी आ गई हो लेकिन आज भी दुरुह इलाकों से ऐसी खबरे आती रहती हैं। जिसमें किसी औरत को डायन बताकर जला दिया जाता है।

पापुआ न्यूगिनी की हैं ये कहानियां

ये तस्वीर काफी पुरानी है लेकिन सालों का समय बीतने के बावजूद यहां कुछ भीनहीं बदला है। लोग आज भी यहां डायन बताकर औरतों पर जुल्म करते हैं।

तस्वीर में नजर आने वाली नग्न महिला बंधी हुई है। उसके चारों ओर खड़े लोग उसे डायन-डायन कहकर पुकार रहे हैं। उसके शरीर के घाव आपको नजर आ रहे होंगे। लोहे की गर्म सलाखों से उसे ‌पीटा गया है।

पर क्रूरता यहीं खत्म नहीं होती, वो उसे जिंदा जलाने की योजना बना रहे हैं। इन लोगों का मानना है कि ये औरत डायन है और उसे जिंदा रहने का कोई अधिकार नहीं है।

दिनी कोरुल बन गई डायन

न्यूगिनी की दिनी कोरुल की उम्र 50 साल है। उन पर यातनाओं का दौर तब शुरु हुआ जब उनके बेटे की मौत हो गई। बेटे की असमय मौत ने उन्हें गांव वालों की नजर में डायन बना दिया।

आपको ये सुनकर आश्चर्य होगा कि ये कोई बरसों पुरानी बात नहीं ब‌ल्कि 21वीं सदी की कहानी है। यहां के लोगों के पास मोबाइल फोन तो है लेकिन वो आज भी काले जादू पर भरोसा करते हैं।

आज भी यहां डायन हैं और गांव के पुरुष कब्रिस्तान की रखवाली करते हैं।

केपारी की कहानी से दहल जाएगा आपका दिल

केपारी पर अपने पड़ोसी के बच्चे की हत्या का आरोप था। गांव के लोगों ने उसे उसकी झोपड़ी से बाहर निकाला और उसके कपड़े उतार दिए। उस पर पेट्रोल डाला और उसे आग लगा दी।

इमेट की कहानी

तस्वीर में नजर आने वाली इमेट भी डायन है। उस पर अपने पति को मारने का आरोप है। इस बच्चे के अलावा उसके तीन बच्चे और है, जिन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर उसे हर मुमकिन यातना दी।

जिसके बाद वो गांव से भागने को मजबूर हो गई।

जुदा नहीं है रास्ता की कहानी

रास्ता तुवा के पति की 2003 में मौत हो गई। उसके अंतिम संस्कार के दौरान ही गांव वालों ने रास्ता को घेर लिया और उसके हाथ काट दिए गए। रास्ता के जैसी ही दर्दभरी है वेनदी की कहानी।
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क्या कहती है रिपोर्ट?

एक रिपोर्ट ‌के अनुसार, पापुआ न्यूगिनी में आज भी डायन प्रथा है, ज‌िसे वजह बताकर हर साल औरतों को मार डाला जाता है।

डेली मेल के अनुसार, दिनी के अलावा यहां ऐसी कई और महिलाएं हैं जिन्हें डायन बताकर उन पर जुल्म किए गए। लेकिन दिनी की सबसे बड़ा दुख ये है कि जिस बेटे को वो जान से ज्यादा प्यार करती थी, उसी की मौत का इल्जाम उस पर है। जबकि उसके बेटे की मौत पेट में संक्रमण की वजह से हुई थी।
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