पति पत्नी का रिश्ता आपसी तालमेल पर टिका होता है। अभिमान और गुस्सा जहां रिश्ते के बीच में आया, वही होता है जो लखीमपुर खीरी में एक परिवार के बीच हुआ। यहां मना करने के बावजूद मायके चले जाने पर एक पति अपनी बीवी पर इतना गुस्सा हो गया कि बेटे समेत जहर खाकर जान दे दी।
ईसानगर थाना क्षेत्र के गांव मढ़िया में मामूली बात को लेकर पति-पत्नी में हुए विवाद के कारण एक मासूम समेत दो लोगों की जान चली गई। मना करने के बावजूद पत्नी के मायके चले जाने से क्षुब्ध व्यक्ति ने अपने नौ साल के बेटे की जहर पिलाने कर हत्या कर दी और बाद में खुद भी जहर गटक लिया। अस्पताल ले जाते समय दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गांव मढ़िया निवासी 30 वर्षीय नरेंद्र उर्फ दनकऊ चार भाई हैं। उनमें बंटवारा हो चुका है। नरेंद्र गांव में ही अलग मकान में अपने परिवार के साथ रह रहा था। उसके दो बेटा तथा एक पुत्री थी। दो दिन पहले उसकी पत्नी केतकी ने मुंडन संस्कार में शामिल होने मायके धौरहरा के गांव सुखनी पुरवा जाने की जिद की। नरेंद्र के इनकार करने के बावजूद भी केतकी नहीं मानी और मायके चली गई। वह अपने साथ तीन बच्चों में से 11 वर्षीय प्रिंशू और 10 वर्षीय बबली को ले गई। नौ वर्षीय बब्बू पिता के साथ ही रह गया।
पत्नी के मायके चले जाने से क्षुब्ध नरेंद्र ने गुरुवार की रात बब्बू को जहर पिला दिया और स्वयं ने भी जहर गटक लिया। इसके बाद उसने आसपास के लोगों को भी जहर पीने की बात बता दी। लोगों ने इसकी सूचना नरेंद्र के भाइयों को दी। दोनों को जिला अस्पताल ले गए। तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल लाए गए पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों लाशें परिजनों को सौंप दी गई। सूचना पर मायके से पहुंची केतकी पति और बेटे के शव देख गश खा बैठी।