मौसम में आद्रता और प्रदूषण कम होने के कारण जुलाई से सितंबर तक का समय हृदय रोगियों के लिए अनुकूल होता है। इस तीन माह में हृदयाघात की संभावना भी कम होती है।
उक्त जानकारी कृष्णा हार्ट केयर एवं मैटर्निटी सेंटर में रविवार को आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एचडी सिंह ने दी। डॉ. सिंह ने बताया कि हिन्दुस्तान में 45 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों की मृत्यु दर का 50 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ हृदय रोगियों का होता है।
जुलाई, अगस्त और सितंबर में हृदयाघात की घटनाएं करीब 50 प्रतिशत घट जाती हैं। इन दिनों मौसम में आद्रता, आक्सीजन की मात्रा अधिक और वातावरण प्रदूषण, वायुमंडलीय दबाव कम होता है। शरीर में प्लेजर हार्मोन अधिक बनता है। जो हृदय रोगियों के अनुकूल रहता है। इन महीनों में पड़ने वाले पर्व पर उपवास स्वास्थ्य के लिए बेहतर होते हैं। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, मोटापा नियंत्रण, धुम्रपान और मदिरापान से दूर रह कर हृदय की बीमारियों से बचा जा सकता है।