यूं तो हम लोग सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल और प्रियंका के बारे में सब कुछ जानते हैं। लेकिन प्रियंका के पति और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लेकर चल रही खबरों के मद्ददेनजर इनके बारे में जानना भी जरूरी है। खबरों में न बने रहकर भी राजनीतिक दायरे में पैर पसारने वाले रॉबर्ट वाड्रा इन दिनों अरविंद केजरीवाल के आरोपों के निशाने पर है। केजरीवाल का आरोप है कि मात्र चार साल में रॉबर्ट वाड्रा 300 करोड़ रुपए के मालिक बन गए। आइए जानते हैं राबर्ट वाड्रा के बारे में।
1. रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी की मुलाकात 1991 में दिल्ली में एक कॉमन फ्रेंड के घर पर हुई थी। बाद में दोनों की नज़दीकियां बढ़ीं और आखिरकार दोनों ने 18 फरवरी, 1997 को शादी कर ली।
2. रॉबर्ट वाड्रा एक बड़े कारोबारी है, जिनका कारोबार जगत में काफी नाम है।
3. राबर्ट वाड्रा का दरअसल हैंडीक्राफ्ट आइटम्स और कस्टम ज्वैलरी का कारोबार है। उनकी कंपनी का नाम है आर्टेक्स एक्सपोर्ट्स।
4. इसके अलावा रॉबर्ट वाड्रा बाइक्स और कारों के भी शौकीन हैं।
5. खबरों के मुताबिक, वाड्रा कई शानदार विदेशी कारों और बाइक्स के मालिक भी हैं।
6. बिजनेस के अलावा रॉबर्ट वाड्रा फिटनेस और फैशन में भी काफी दिलचस्पी रखते हैं।
7. 43 साल में रॉबर्ट वाड्रा को दिसंबर 2011 में एक अंग्रेजी अखबार ने बेस्ट ड्रेस्ड मैन का खिताब से नवाजा था।
विवादों से पाला
रॉबर्ट सबसे पहले पिता के साथ संबंध बिगड़ने पर चर्चा में आए थे। 2001 में उन्होंने पिता और भाई के खिलाफ एक नोटिस जारी किया था। तब पिता ने उन पर मानहानि का केस दर्ज कराया। इस साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान रॉबर्ट की बाइक रैली को रोकने वाले आईएएस अधिकारी के तबादले के चलते भी वह विवादों में घिरे।
राजनीतिक महत्वाकांक्षा
रॉबर्ट ने 2010 में एक इंटरव्यू में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का खुलासा करते हुए कहा था कि वह जब महसूस करेंगे कि वह कुछ अलग कर सकते हैं तभी राजनीति में आएंगे। हालांकि बाद में इसका खंडन किया था। वह अपनी पत्नी प्रियंका के साथ उत्तर प्रदेश के अमेठी और रायबरेली में हुए विगत चुनाव में प्रचार के लिए शामिल हो चुके हैं।
आजकल क्यों चर्चा में हैं रॉबर्ट वाड्रा
आजकल रॉबर्ट वाड्रा चुनाव प्रचार नहीं बल्कि कुछ और ही कारणों से चर्चित हैं। कल ही अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वाड्रा ने करीब चार साल में 300 करोड़ रुपये की संपत्ति बना ली। उन्होंने कहा कि 2007 से लेकर 2010 तक वाड्रा की संपत्ति 50 लाख से बढ़कर 300 करोड़ रुपये हो गई, जबकि उनकी आय का एकमात्र जरिया डीएलएफ से मिला ब्याज मुक्त 65 करोड़ रुपये का लोन था। केजरीवाल के इन आरोपों से सियासी तूफान खड़ा हो गया है।