लोग चोर-उच्चकों को तो पुलिस के हवाले करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी लोगों को किसी मुर्दे को सजा दिलाते देखा है। भले ही आपको ये बातें अजीब लग रही हो, लेकिन हकीकत यही है।
उत्तर प्रदेश के बागपत में एक व्यक्ति को मरा हुआ घोषित कर दिया गया था। लेकिन बीते दिन स्थानीय लोगों ने इस मरे हुए शख्स को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इससे पुलिस और पुलिसिया कार्रवाई एकबार फिर शक के घेरे में आ गई है, लेकिन मामला है मजेदार।
मुर्दा बोल उठा
6 जुलाई 2012 को पुलिस को गुराना गांव के जंगल में एक शव पड़ा मिला। शव की शिनाख्त सुधीर के तौर पर हुई और मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद जांच के लिए पुलिस लगभग हर रोज सुधीर के करीबियों से पूछताछ करने लगी।
जांच में पता चला कि सुधीर कुछ समय तक बिट्टू नामक एक शख्स के यहां किराए पर रहता था। उसके साथ उसकी पत्नी संगीता व मां भी रहती थी, लेकिन कुछ महीनों बाद ही वो कहीं चला गया।
उस दिन सुधीर रास्ते से गुजर रहा था और तभी उसके दो परीचितों ने उसे देख लिया और पुलिस को सौंप दिया। बाद में सुधीर ने बताया कि इस पूरे विवाद की जड़ उसकी बीवी संगीता है। जिसने उससे संबंध तोड़े बिना ही किसी और से कोर्ट मैरिज कर ली थी। जिसकी वजह से वो यहां से बाबूगढ़ चला गया और वहीं काम करने लगा।
पुलिस ने इस मामले में 29 मई 2013 में फाइनल रिपोर्ट लगाकर यह मामला फाइलों में दबा दिया। रविवार को सुधीर के मिलने पर पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है।