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आखिर क्यों इतना पिघल गया चोर का दिल

Wed, 06 Feb 2013 12:28 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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कभी कभी चोर इतने ईमानदार निकलते हैं कि बस पूछो मत। ऐसा ही कुछ जर्मनी के हनोवर प्रांत में हुआ जब कुकी मोन्स्टर नाम का चोर एक बिस्कुट कंपनी के बहुचर्चित प्रतीक चिह्न (सोने के विशाल बिस्कुट) को ईमानदारी के साथ वापस लौटा गया।
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हनोवर में जर्मनी की प्रसिद्ध बिस्कुट निर्माता कंपनी बेहलसन का विशाल प्रतीक चिह्न यानी सोने का बिस्कुट कुछ दिन पहले अपनी जगह से गायब हो गया था। मालूम हो यह प्रतीक 1913 में बनवाया गया था। इस बिस्कुट को तलाशने की तलाशने की काफी कोशिश की गई लेकिन सब बेकार था।

तब एकाएक कुकी मोन्सटर(कैमरे पर फनी मोन्सटर का मास्क पहने) ने घोषणा की कि उसने सोने का बिस्कुट चुरा लिया है। चोर ने बाकायदा चोरी के सामान के साथ फोटो खिंचवा कर कंपनी को भेजे।
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चोर ने बिस्कुट वापस लौटो की एवज में भारी रकम मांगी थी। चोर का कहना था कि वो इस रकम को बीमार बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल में दान करेगा। तभी से बिस्कुट की एवज में रकम देने के लिए क्लू मांगा जा रहा था लेकिन चोर ने रकम लेने की बजाय चोरी का सामान ही लौटा दिया।

कल ही हनोवर में यूनिवर्सिटी में घोड़े की विशाल प्रतिमा पर बिस्कुट एक नोट समेत लाल रिबन से बंधा मिला। नोट में लिखा था - 'क्योंकि मेरी तरह वैरिनी (कंपनी के चेयरमैन) को भी ये बिस्कुट बेहद पसंद है। जबसे मैने बिस्कुट लिया है वैरिनी रो और चिल्ला रहे हैं। ऐसे में मैं इसे वापस कर रहा हूं।' इसे कहते हैं चोर की ईमानदारी।
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