साल 2002 की बात है। कोर्ट ने माइक एंडरसन नाम के शख्स को हथियारों के साथ चोरी करने की सजा सुनाई थी।
सजा के हिसाब से माइक को 11 सालों की कैद मिली थी। कोर्ट को मुताबिक उसने माइक को सजा भी दे दी थी और वो सजा काट भी रहा था।
इस बात को ग्यारह साल बीत चुके थे और तभी...
कहां है चोर?
मामले के ग्यारह साल बीत जाने के बाद जब कोर्ट ने चारे के रिहाई के ऑडर्स जेल को भेजे, तब कोर्ट को एक बड़ा झटका मिला।
जेल ने कोर्ट को बताया कि वहां माइक नाम का तो कोई कैदी ही नहीं है। ये बात सुनते ही कोर्ट को अपनी चूक का एहसास हुआ।
दरअसल, कोर्ट ने जब चोर को कैद की सजा सुनाई थी, उसके बाद जेल से इस बात को वैरिफाई करने में कोई चूक हो गई थी।
कोर्ट को लगा कि चोर कैद में है और जेल को लगा कि चोर को सजा ही नहीं हुई है।
और घूम रहा है वो
इस मामले को पूरे ग्यारह साल बीत चुके हैं। माइक ने इस बीच शादी भी कर ली, अपना घर भी बना लिया और अब उसके चार बच्चे भी हैं।
वो चोरी करना छोड़ चुका है और इन दिनों कोर्ट और लोगों की मदद से उसकी भली जिंदगी को देखते हुए जेल की सजा ने देने की मिन्नतें कर रहा है।
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