उम्रकैद के कई मामले आपके सामने से आए होंगे लेकिन ऐसा मामला आपके सामने कभी नहीं आया होगा। जहां एक कुत्ते को बिल्ली की हत्या करने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुना दी गई।
हालांकि ये बिल्ली भी कोई आम बिल्ली नहीं थी। पेंसिलवेनिया के तत्कालिक गवर्नर गिफोर्ड पिनशॉट की बीवी की यह बिल्ली उनकी दुलारी थी। ऐसे में पेप को सजा तो होनी ही थी। पेप लैब्राडोर प्रजाति का कुत्ता था।
डेलीमेल की ख्ाबर के मुताबिक, इस घटना के बाद से वह पेप से कैट-मर्डरर के नाम से मशहूर हो गया। साल 1924 में बिल्ली की मौत के बाद ईस्टर्न स्टेट पेनिटेनटियरी में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
जेल में पेप को एक नंबर दे दिया गया, जो हर वक्त उसके गले में लटका रहता था।
तो कैसी लगी ये कहानी...?
जी हां ये कहानी ही है हालांकि इसके सभी पात्र वास्तविक हैं। दरअसल पेप ने कभी ऐसा कोई जुर्म किया ही नहीं था। उसे तो महज कुशन फाड़ने की बुरी लत थी। दरअसल उस समय के एक समाचार पत्र के नामी पत्रकार ने पेप की कहानी को रोचक बनाने के लिए ये कहानी गढ़ी थी।
पत्रकार द्वारा इतनी मार्मिक कहानी को सुनने के बाद गवर्नर को हजारों खत भी मिले थे, जिसमें पेप को रिहा करने के लिए कहा गया था। असली कहानी कुछ यूं थी कि गवर्नर ने पेप को जेल तो भेजा था लेकिन उसे अनुशासित करने के लिए न कि बतौर कैदी।
बाद में पेप भी उस जगह पूरी तरह से रम गया और वहीं उसकी मौत भी हो गई, उसकी मौत स्वभाविक थी। लेकिन पत्रकार की इस मार्मिक कहानी से पेंसिलवेनिया में कइयों को आंसू बहाने के लिए मजबूर कर दिया था।