जागा पाहन के माता-पिता की इन दिनों खुशी का ठिकाना नहीं है। जिस जागा को उन्होंने सात साल पहले मरा हुआ समझा था, वह बुधवार को अचानक उनकी आंखों के सामने खड़ा था। यह वाकया ओडिशा के गंजाम जिले के तोतागांव का है।
खल्लीकोट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर इंचार्ज शिशिर मिश्रा ने बताया कि 27 वर्षीय जागा पाहन बुधवार को खल्लीकोट लौटा। उसे स्थानीय कोर्ट के सामने पेश किया गया और उसके बाद उसे उसके अभिभावकों को सौंप दिया गया।
पिछले साल पुलिस उसकी तलाश में बिहार और झारखंड भी गई थी। जागा के माता-पिता अपने बेटे को देखकर काफी खुश है। उन्होंने उसे आखिरी बार सात साल पहले देखा था।
जागा के पिता आबिला पाहन ने बताया कि हम उसके वापस लौटने से काफी खुश हैं। वह कहां था, इसके बारे में हमें कुछ भी पता नहीं था। वह सात साल पहले काम के लिए बिहार गया था।
उसके बाद से उसकी कोई खबर नहीं मिली थी। जागा 2006 में अपने गांव के कुछ लोगों के साथ बिहार के मुजफ्फरपुर काम के लिए गया था। हालांकि कुछ महीने बाद ही उसके साथ गए लोग वापस लौट आए लेकिन वह नहीं लौटा था।
उसको लेकर गए ठेकेदार उसके न लौटने का संतुष्टजनक जवाब नहीं दे पाए थे। आबिला ने कहा कि इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस के उसको खोजने में विफल रहने के बाद उम्मीद खत्म हो चुकी थी। हमने हिंदू धर्म के अनुसार उसका अंतिम क्रियाकर्म भी कर दिया था।