बुध ग्रह पर वैज्ञानिकों को कुछ ऐसा मिला है जिससे उनमें खुशी की लहर दौड़ गई है। बुध ग्रह में एक गड्ढे में बर्फ और कोलतार जैसा ऑरगेनिक पदार्थ मिला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सौरमंडल में सूर्य के सबसे नजदीक स्थित ग्रह बुध के उत्तरी ध्रुव में एक गहरे गड्ढे से बर्फ और आर्गेनिक पदार्थ खोजने का दावा किया है।
बुध के रहस्यों पर से पर्दा उठाने के लिए भेजे गए नासा के यान मैसेंजर से जुडे वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ग्रह पर बर्फ की खोज पिछले 20 वर्षों से पृथ्वी पर स्थापित टेलीस्कोपों से की जा रही है लेकिन वहां आर्गेनिक पदार्थ मिला आश्चर्य की बात है। बर्फ और आर्गेनिक पदार्थ उत्तरी धु्रव में एक ऐसे गड्ढे से मिला है जहां कभी सूर्य की रोशनी नहीं पडती।
माना जा रहा है कि बर्फ और कोलतार जैसे दिखने वाला आर्गेनिक पदार्थ लाखों वर्ष पहले धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों के बुध पर टकराने से वहां पहुंचे हैं। कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डेविड पैग ने कहा 'हम इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे लेकिन दूसरे कई ग्रहों पर भी ऐसी चीजें मिली हैं तो आपको विश्वास करना पडेगा'।
बुध और मंगल पर भेजे गए नासा के मिशनों के काम करने का तरीका बहुत अलग है। मार्स रोवर क्यूरोसिटी मंगल की जमीन पर उतरकर वहां की मिट्टा और चट्टानों के नमूने एकत्रित कर रहा है जबकि मैसेंजर बुध की कक्षा से लेजर बीम डालकर आंकडे एकत्र कर रहा है।
मैसेंजर का दो वर्ष का मिशन मार्च में खत्म हो रहा है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि बुध पर न तो जीवन कभी संभव था और न है क्योंकि सूर्य से अत्यधिक निकटता के कारण वहां तापमान बहुत ज्यादा पहुंच जाता है। लेकिन वहां आर्गेनिक पदार्थ मिलने से पृथ्वी पर जीवन की शुरआत के बारे में कुछ सुराग मिल सकता है।