पापुआ न्यू गिनी की सांबा जनजाति में महिलाओं के लिए तो कुछ विशेष नियम-कायदे हैं ही लेकिन यहां पुरुषों को भी कुछ बेहद सख्त परंपराओं का पालन करना पड़ता है।
इस जनजाति के पुरुष कुछ खास परंपराओं के तहत महिलाओं से अलग रहते हैं। जनजाति का मानना है कि महिलाओं के संपर्क में रहने से वो उनके प्रति आकर्षित हो जाएंगे।
पुरुषों को महिलाओं के आकर्षण से दूर रखने के लिए लड़कों को पांच साल की उम्र में ही महिलाओं से दूर कर दिया जाता है। ये बच्चे जब किशोर हो जाते हैं तो उनकी नाक के अंदर एक नुकीली लकड़ी भोंक दी जाती है।
ये घाव कुछ ऐसा होता है जिसके बाद उनकी नाक से लगातार खून बहता रहता है। खतरनाक बात ये है कि नाक से बहने वाले इस खून को मजबूरी में ही सही लेकिन किशोर को पीना होता है।
सांबा जनजाति के पुरुष इसे महिलाओं के रजोधर्म की ही तरह मानते हैं। कई सालों तक इस परंपरा का पालन करने के बाद ये लड़के शादी के लिए उपयुक्त समझे जाते हैं।
शादी के बाद जनजाति के पुरुष कीचड़ में नहाते हैं। ऐसा माना जाता है कि महिला के साथ शारीरिक संबंध्ा बनाने की वजह से पुरुष दूषित हो गया है, और कीचड़ में नहाने से वो शुद्ध हो जाएगा।