आपने वो कहावत जरूर सुनी होगी कि मियां-बीवी राजी तो, क्या करेगा काजी। लेकिन यहां तो मियां-बीवी भी तैयार थे और काजी भी लेकिन फिर भी सही समय पर शादी नहीं हो सकी।
मेट्रो की खबर के अनुसार, विल्टशायर के होली क्रॉस चर्च में हुए इस वाकये ने कुछ समय के लिए वहां मौजूद लोगों को परेशान तो जरूर किया लेकिन एक अनोखा अनुभव भी कराया।
दरअसल, उस दिन चर्च में एक शादी होनी थी। लड़का- लड़की, परिवार वाले और रिश्तेदार सभी वहां मौजूद थे लेकिन जिसे अंगूठी लेकर जाना था वो ही वहां नहीं पहुंचा।
चर्च में पुरानी मान्यता के अनुसार एक सफेद बार्न उल्लू अंगूठी लेकर जाने का काम करता है। लेकिन उस दिन बजाय अंगूठी पहुंचाने के उल्लू चर्च के एक कोने में जाकर सो गया।
हालांकि उसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने उल्लू को उठाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उल्लू तो उल्लू ठहरा और बिना शादी की चिंता के सो गया।
करीब एक घंटे तक भी जब कुछ प्रतिक्रिया नहीं हुई तो वहां मौजूद लोगों ने उल्लू को छोड़ शादी को आगे बढ़ाने का फैसला किया। इस पूरे दौरान उल्लू के पैर में लाल फीता बंधा हुआ था जिसमें अंगूठी थी।