वो गई तो थी एपेंडिक्स का ऑपरेशन कराने लेकिन उन्होंने उसके गर्भाशय को ही निकाल फेंका, जिसमें पांच महीने का गर्भ पल रहा था।
बच्चे की तो मौत हो ही गई लेकिन मां भी नहीं बची। मारिया दी जीसस पांच महीने की गर्भवती थीं, जब उन्हें एपेंडिक्स के दर्द के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। मर्ज का पता चल गया और दर्द कम होने के बाद मारिया को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
लेकिन दो हफ्ते बाद ही उसे ऑपरेशन के लिए भर्ती होना पड़ा। यहां ऑपरेशन टेबल पर डॉक्टरों की लापरवाही से मारिया के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उनकी मौत हो गई।
लापरवाही के चलते बच्चा मर गया और इंफेक्शन के चलते मारिया। एपेंडिक्स की जगह गर्भाशय का ऑपरेशन कर दिया गया जिस वजह से मारिया को शरीर के भीतर की रक्त रिसाव शुरू हो गया। उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिस वजह से उसकी मौत हो गई।
48 घंटे के बाद डॉक्टरों ने एपेंडिक्स तो निकाल दिया लेकिन तब मारिया की मौत हो चुकी थी। अब उनके पति पूर्वी लंदन में रोमफोर्ड के क्वीन्स हॉस्पिटल पर कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इस हत्या बताया है और डॉक्टरों के ढिलमुल रवैये को इसका जिम्मेदार ठहराया है।