हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि तोते लोगों का नाम रटने और फिर उसे हू-ब-हू बोलने में माहिर होते हैं।
कॉन्गो अफ्रीकन ग्रे प्रजाति के एक तोते की भी कुछ ऐसी ही कहानी है। सालों पहले जब वो एक घर में लाया गया था, तो पूरे घर में उसका रिश्ता घर की मालकिन के साथ था।
वो अक्सर उसका नाम रटता था और मालकिन भी उसके साथ अपना खुशी के पल बिताती थी।
जब मालकिन की हो गई मौत
कुछ समय बाद घर की मालकिन और उसके पति की जिंदगी में कुछ कारणों से खटास आ गई।
इसके बाद पत्नी की किन्हीं कारणों से मौत हो गई।
उसके जाने के बाद तोता जैसे एकदम अकेला हो गया था। मौत के कुछ वक्त बाद ही पति ने दूसरी शादी रचा ली थी। वो अपनी दूसरी पत्नी को घर भी ले आया था।
दूसरी पत्नी को हुई तोते से चिड़
दूसरी पत्नी के आने पर तोते पर कोई फर्क नहीं पड़ा। वो हमेशा की तरह घर की पहली मालकिन का नाम रटते रहता था।
दूसरी पत्नी के आगे पहली पत्नी का नाम दिन भर रटते रहने दूसरी मालकिन को बिल्कुल पसंद नहीं आया।
उसने तोते को लेकर गैराज में डाल दिया और उसे वहां एक पिंजड़े में बंद कर दिया। दूसरी मालकिन तोते को जरूरत से भी कम खाना देती थी।
अधमरी हालत में मिला तोता
मालकिन ने तोते को डॉक्टरों तीन सालों तक इसी हालत में रखा। इतनी खराब हालत में तोते ने अपने सारे पंख और सेहत खो दिया।
इस बात का पता जब ऐनिमल रेस्क्यू फांउडेशन को पता चला तो उन लोगों ने उसे वहां से निकाला।
अमेरिका में उसका इलाज कर रही डॉक्टर हेन्ले का कहना है कि तोता बहुत सहमा हुआ था। वो कुछ बोलने और खाने पीने में भी दिक्कत महसूस कर रहा था।
अभी वो इतने तनाव में है कि उसे डिप्रेशन से निकलने की दवाइयां दी जा रहीं हैं।
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