उलूक महोत्सव में भ्रष्टाचार पर निराले अंदाज में चोट की जाएगी। इसके लिए दिल्ली से उल्लू पकड़ा गया है। रविवार की शाम इसके लिए टाउनहाल में कोटर पूजा की गई। उल्लू की आरती उतारी गई और कवियों ने देश, काल पर आधारित कविताएं पढ़ीं। यह महोत्सव 24 नवंबर को होगा।
शाम करीब चार बजे उल्लू के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर सविधि पूजा की गई। जय उल्लू देवा... के बोल पर समूह में साहित्यकारों, नेताओं ने मोमबत्ती जलाकर उल्लू महाराज की आरती उतारी। पूजा पं. पवन कुमार शास्त्री के आचार्यत्व में की गई। इसके बाद कवियों ने काव्य पाठ किया। चपाचप बनारसी ने कहा, है किसी पार्टी में बूता जो अपना चुनाव निशान बनाए जूता...।
सुदामा तिवारी उर्फ सांड़ बनारसी, ब्रजेश चंद्र पांडेय, विजेंद्र मिश्र दमदार, डॉ. अशोक राय ने भी कविताएं पढ़ीं। अध्यक्षता शनिवार गोष्ठी के अध्यक्ष पं. धर्मशील चतुर्वेदी ने की। संचालन संस्था के मीडिया प्रभारी एडवोकेट राजेंद्र द्विवेदी ने किया।
शनिवार गोष्ठी के अध्यक्ष पं. धर्मशील चतुर्वेदी का कहना है कि दिल्ली के रामलीला मैदान और जतंर-मंतर से उड़े उल्लू को महोत्सव की शोभायात्रा के लिए पकड़ा गया है। सर्किट हाउस में जगह नहीं मिली तो टाउन हाल में कोटर पूजा कर उसे रखा गया। दिल्ली में नेशनल हेराल्ड की खरीद मामला उछलने के बाद पकड़े गए उल्लू की पहचान के लिए उसका बायोडाटा जुटाया जा रहा है।