अचंभे में पड़ गए ना लेकिन ये सच है। सिर कट जाने के बावजूद मुर्गी और मुर्गा कई महीने तक जिंदा रह सकते हैं बशर्ते उनकी गर्दन की रक्तवाहिनी न कटी हो। 1945 में ऐसा ही कुछ फ्लोरिडा के एक फार्म में हो चुका है। वो मुर्गा 18 माह तक जिंदा रहा था। मुर्गे के सिर को कुल्हाड़ी से काटने के बाद वो जिंदा रहा। रक्तवाहिनी के सिरे पर जमे एक थक्के के कारण मुर्गे का खून अधिक नहीं बहा और वह जीवित बच गया। हालांकि उसके कटे हुए सिर का अधिकतर भाग चोंच थी, और उसके ब्रेन स्टेम और एक कान अभी भी उसके शरीर पर ही था। सिर कटने के बाद के अपने जीवनकाल में मुर्गे का वज़न भी दुगना बढ़ गया।