मानिए न मानिए हमारी आपकी जिंदगी मोबाइल की गुलाम होकर रह गई है। आलम तो यह है कि अंतिम-संस्कार के दौरान भी फोन की घंटी बजती रहती है।
द को-ऑपरेटिव फ्युनरलकेयर के लिए कराए गए एक सर्वे के अनुसार हर पांचवें क्रिया-कर्म संस्कार में मोबाइल की घंटी व्यवधान पैदा करती है।
डेली मेल ने सर्वे के हवाले से कहा है कि अंतिम-संस्कार में मौजूद हर पांच में से दो लोग अपना मोबाइल स्विच ऑफ नहीं करते हैं।
सर्वे के मुताबिक 16 में से एक व्यक्ति यह स्वीकार भी करता है कि अंतिम संस्कार के दौरान उसने मोबाइल पर मैसेज पढ़ा।
द को-ऑपरेटिव फ्युनरलकेयर के ऑप्रेशन डाइरेक्टर डेविड कॉलिंगवुड ने बताया कि लोग मोबाइल के इतने आदी हो गए हैं कि एक मिनट को भी उससे अलग नहीं रह सकते।
इसमें भी पुरुषों की संख्या, महिलाओं की तुलना में ज्यादा है। इतना ही नहीं हर बीसवां पुरुष मानता है कि उसने क्रिया-कर्म के दौरान ऑफिस का मेल खोला।