क्या आपने कभी ये सुना हे कि किसी ने कार खरीदी हो हजार की और इन्शोयेंस करवाया हो लाखों का...? अगर नहीं तो अब सुन लीजिए। कंवलजीत बंसल ने बड़े ही शौक से एक सेकंड हैन्ड कार खरीदी थी।
अमूमन लोगों को कार खरीदीने में परेशानी होती है लेकिन 18 वर्षीय कंवलजीत की परेशानी तब शुरू हुई जब उन्होंने अपनी कार का इंश्योरेंस कराने का फैसला किया।
डेली मेल की खबर के मुताबिक कंवलजीत ने ड्राइविंग टेस्ट तो एक बार में ही पास कर लिया था लेकिन इंश्यारेंस के चक्कर में उन्हें काफी पापड़ बेलने पड़े। करीब 32 हजार रुपये खर्च कर उन्होंने एक सेकंड हैंड कार खरीदी थी और सोचा कि ऑन-लाइन ही इसका इंश्योरेंस करा लेंगी।
800 सीसी डेबू की मटीज के लिए उन्हें जो पहली कैटगरी मिली वो 26 लाख की थी जबकि उनकी कार की कीमत काफी कम महज 32 हजार रुपये थी।
इसके बाद कंवलजीत ने कई वेबसाइट्स और इंश्योरेंस की दुकानों पर कीमत की जांच की। उनके भाई प्रदीप बंसल, जोकि एक ट्रक ड्राइवर हैं, उन्होंने अपनी इंश्यारेंस कंपनी से इस बाबत बात की। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है कि कंवलजीत ने कार की कैटगरी में रॉल्स-रॉयस जैसी किसी कार का नाम डाल दिया हो।
उनके मुताबिक ये इलाके की या फिर कंवलजीत की उम्र के वजह से भी हो सकता है।