पाकिस्तान के अशांत पश्चिमोत्तर क्षेत्र की एक अदालत ने वेश्यालय चलाने वाली एक महिला को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह एक माह तक प्रति दिन एक घंटे मसजिद जाकर अपने पापों का प्रायश्चित करेगी।
पेशावर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दोस्त मोहम्मद खान ने वेश्यालय की मालकिन नीलम की जमानत याचिका को मंजूरी प्रदान कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि नीलम को पेशावर के हयताबाद इलाके स्थित जारगुनी इमाम मसजिद में एक माह तक प्रति दिन जाना होगा। अदालत ने पिछले माह नीलम के वेश्यालय पर मारे गए छापे के दौरान गिरफ्तार चार महिलाओं की जमानत याचिका भी स्वीकार कर ली।
जज ने सभी महिलाओं को निर्देश दिया कि वे 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भरें और दो भरोसेमंद जमानत दें। पुलिस द्वारा छह सितंबर को दर्ज की गई शिकायत के अनुसार अधिकारियों को सूचना मिली थी कि हयताबाद में एक मकान में वेश्यालय चलाया जा रहा है।
गिरफ्तार महिला ने 14 सितंबर को निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। बहरहाल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश असद हमीद बंगश ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।