हम सभी जानते हैं कि नासा की ये हमेशा से कोशिश रही है कि मंगल ग्रह पर जीवन के संभव होने की सोच को सच किया जा सके।
इसके लिए नासा ने एसएलएस रॉकेट बनाया है। इसका नाम स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट है। ये धरती से भेजा गया एक ऐसा रॉकेट होगा जो दो चरणों में खास तरह का काम करेगा।
डेली मेल के मुताबिक नासा ने इस खास मिशन के लिए डीप स्पेस एसएलएस रॉकेट को अलग फीचर्स तैयार भी कर लिया है।
दूसरे चक्कर में इंसान होगा मंगल पर
एसएलएस रॉकेट को पहले वैज्ञानिक चांद के ऑर्बिट पर भेजेंगे। ये प्लान और इससे होने वाली स्टडीज जब पूरी हो जाएंगी तो दूसरे चरण में इसे मंगल ग्रह पर भेजा जाएगा।
फर्क बस इतना होना कि मंगल ग्रह पर सिर्फ रॉकेट नहीं बल्कि रॉकेट के अंदर मनुष्य भी बैठकर उस ग्रह तक जाएगा।
नासा के मुताबिक उसे ऐसा करने के लिए हरी झंडी मिल गई है। अब वो उसकी तैयारियों में जुट गया है।
2030 तक संभव
नासा अपनी तैयारी के साथ इस रॉकेट को 2025 में पहले चांद के ऑर्बिट पर भेजेगा फिर 2030 तक उसमें ऐस्ट्रोनॉट के साथ मंगल ग्रह पर उतरेगा।
वहां जाकर मनुष्य वहां के पत्थर, मौसम, जीवन का आधार और प्रकृति पर सभी संभव आंकलन करेंगे।
दूसरे ग्रह पर मनुष्य भेजने का यह पहला मिशन है। अब तक ऐसा ऐतिहासिक काम नहीं किया जा सका है।
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