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लंबे नाखूनों के शौकीन हैं तो संभल जाइए

Tue, 05 Feb 2013 11:50 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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सुंदर और गोरे हाथों पर लंबे नाखून रखने का शौक बहुत लोगों को होता है। इन पर कलर नेलपॉलिश लगाकर हाथों की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे नाखून खूबसूरती देने के साथ साथ आपको फंगल इंफेक्शन दे सकते हैं। इसलिए अगर आप भी लंबे नाखून रखने के शौकीन हैं तो इनकी सेहत पर भी उतना ही ध्यान दीजिए जितना इनकी खूबसूरती पर दे रहे हैं।
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फंगल नेल इन्फेक्शन हाथ या पैर के अंगुलियों के किसी भी नाखून में हो सकता है। शुरुआत फंफूद इन्फेक्शन के रूप में होती है, जो सफेद या पीले रंग में दिखाई देता है। नाखूनों की अंदरूनी सतह से शुरू होकर यह इन्फेक्शन जब ज्यादा बढ़ जाता है तो नाखून का रंग बदरंग होने लगता है। यही नहीं, नाखून भी पतला और खुददुरा हो जाता है। फंगल नेल इन्फेक्शन को ओनइकोमाइकॉसिस के नाम से भी जाना जाता है।

क्या है कारण
हम सभी का शरीर कई प्रकार के माइक्रोआर्गेनिज्म जैसे बैक्टीरिया और फंगी के सम्पर्क में रहता है। इनमें से कुछ तो शरीर के लिए ठीक होते हैं, जबकि कुछ बैक्टिरिया इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। फंगस बालों, नाखूनों, और त्वचा की बाहरी सतह पर डेरा डालकर रखते हैं। एथलिट्स फुट, दाद, जांघों के जोड़ों के पास होने वाले इन्फेक्शन को खुजाना और आंखों की पलकों और भौहों पर होने वाले डेंड्रफ को खुजलाने से भी फंगल नेल इन्फेक्शन हो सकता है। इस तरह का इन्फेक्शन अधिकतर मध्यम वर्ग की उम्र के लोगों में ज्यादा दिखता है।
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उनके पैरों से इन्फेक्शन होने की ज्यादा अशंका होती है। कुछ फंगल इन्फेक्शन आसानी से चले जाते है और कुछ नहीं। पैरों के नाखून हाथों के नाखूनों से ज्यादा फंगल इन्फेक्शन से प्रभावित होते हैं। जो लोग स्वीमिंग पूल का अधिक इस्तेमाल करते हैं उन्हें भी इन्फेक्शन होने की ज्यादा आशंका रहती है। अधिक समय तक जूते में पैरों का बंद रहना या काफी समय तक पैरों का गीला रहना और त्वचा या नाखून में छोटी सी चोट भी इन्फेक्शन का कारण बन सकती है।

कैसे हो पहचान  
जब नाखूनों में इन्फेक्शन हो जाता है, तो वह देखने में गंदे दिखाई देते हैं। इन्फेक्शन के कारण नाखून भूरभूरे हो जाते हैं और उनका रंग बदल जाता है। नाखूनों की चमक खत्म हो जाती है और वे काफी पतले हो जाते हैं। यही नहीं, नाखूनों का आकार भी बिगड़ जाता है। नाखून ढीले हो जाते हैं और किनारे हलके हरे रंग के हो जाते हैं। खुजली, सूजन, और दर्द ऐसे में आम हो जाता है।

इलाज अपने हाथ  
फंगल नेल इन्फेक्शन को शुरूआती स्तर पर ही डॉक्टर को दिखाना बेहतर होता है। किसी बेहतर चर्म रोग विशेषज्ञ के द्वारा सुझाई गई दवाएं इस समस्या से निजात दिला सकती हैं। हाथों के नाखूनों के फंगल इन्फेक्शन को दूर करने में करीब 6 महीने लगते हैं और पैरों के नाखूनों के फंगल इन्फेक्शन को दूर करने में करीब नौ से बारह महीने लगते हैं। कुछ मामलों में तो डॉक्टर मरीज के नाखूनों को हटा देते हैं। सर्जरी के बाद यदि इलाज सही रूप में होता रहे, तो नाखून धीरे-धीरे शुरूआती स्तर से बढ़ता है।

कैसे करें बचाव
नाखूनों को फंगल इन्फेक्शन से बचाने के लिए उन्हें हमेशा स्वस्थ और हेल्दी रखें। त्वचा को एकदम साफ और सूखी रखें और नाखूनों को हमेशा काटकर रखें। किसी भी प्रकार के फंगल इन्फेक्शन के सम्पर्क में रहने पर हमेशा हाथों और पैरों को अच्छी तरह से धोएं। हाथ पैरों को धोने के बाद अंगुलियों के बीच के हिस्सों को अच्छी तरह पोंछ लें। पैरों में साफ-सुथरी जुराब पहनना भी जरूरी है।
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