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कलयुगी मां, नाबालिग बेटी को बनाया सरोगेट मदर

Wed, 01 May 2013 11:12 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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क्या आप कल्पना करेंगे कि कोई मां अपनी बेटी को सरोगेट मदर बना दे। ब्रिटेन में लंदन हाईकोर्ट ने एक कलयुगी मां को पांच साल जेल की सजा सुनाई है। उस महिला ने अपनी गोद ली हुई बेटी को कृत्रिम गर्भाधान के जरिए सरोगेट मदर बनने को मजबूर किया।
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कोर्ट में पेश दस्तावेजों में कहा गया है कि साल 2008 में जब इस लड़की की उम्र सिर्फ 14 साल थी। उसकी मां ने डेनमार्क के क्रायोस शुक्राणु बैंक से वीर्य खरीदा और दो साल की अवधि में कुल सात बार सीरिंज के जरिए लड़की के शरीर में इसे पहुंचाकर कृत्रिम गर्भाधान कराया। यह लड़की 16 साल की उम्र में गर्भवती हो गई। उसने 17 साल की उम्र में एक बच्ची को जन्म दिया।

इस मामले का पता उस समय चला जब जच्चा-बच्चा की देखभाल करने वाली स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने कई बार यह महसूस किया कि लड़की की मां उसे उसके नवजात शिशु को स्तनपान कराने से रोकती थी ताकि दोनों में भावनात्मक लगाव न हो जाए।
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स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने जुलाई 2011 में इस मामले की सूचना कई सामाजिक संस्थाओं और पुलिस को दी। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ कि उस दुष्ट मां ने ही गोद ली हुई बेटी को कृत्रिम गर्भाधान के लिए मजबूर किया था। कोर्ट ने इस मामले में मां की आपराधिक भूमिका साबित होने पर मार्च 2012 में ही फैसला सुना दिया था। मीडिया में यह मामला अब आया है।

जज ने अपने फैसले में इस कलयुगी मां को पांच साल जेल की सजा सुनाते हुए कहा कि इस औरत ने बच्ची के साथ बहुत ही वहशियाना काम किया है।

उन्होंने शुक्राणु कारोबार वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि इससे साफ पता चलता कि शुक्राणु बैंक के कायदे कानून कितने लचर हैं कि कोई भी जाकर शुक्राणु हासिल कर सकता है। इस लड़की ने कहा है कि मेरी मां ने मुझे पाल पोसकर बड़ा किया है। मैं उससे बहुत प्यार करती हूं और मैंने उसकी इच्छाओं का पालन किया है।
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