सफदरजंग अस्पताल में जन्मी एक बच्ची लोगों और चिकित्सा विज्ञान के लिए चर्चा का विषय बन गई है। बच्ची के हाथ पैर में पचीस अंगुलियां हैं। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। बच्ची के माता-पिता को इस बात का कतई मलाल नहीं है। चिकित्सकों का कहना है यह कोई चिकित्सीय विकृति नहीं है।
अस्पताल में 22 नवंबर को रितिका ने नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के दोनों हाथ में छह-छह अंगुलियों के अलावा दांये पैर में छह और बांये पैर में सात अंगुलियां देखकर रितिका और उसके परिजन दंग रह गए। चिकित्सकों ने बताया कि इससे कोई परेशानी नहीं है और बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है, तब माता-पिता की जान में जान आई।
दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक सह गॉयनोकोलॉजिस्ट डॉक्टर विजय कुमार कदम ने बताया कि ऐसे मामले कुदरती होते हैं। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान दवा की गड़बड़ी की वजह से भी ऐसी घटना हो सकती है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है।
एम्स के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के सर्जन डॉक्टर शिशिर रस्तोगी का कहना है कि बच्ची को भविष्य में जूता-चप्पल पहनकर चलने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में सर्जरी करअंगुलियों को कम किया जा सकता है। इधर, अस्पताल से आने के बाद बच्ची को देखने के लिए लोग उसके घर आ रहे हैं। बच्ची के पिता राजू का कहना है भविष्य में अगर बेटी को चप्पल-जूते पहनने में दिक्कत होगी तो ऑर्डर देकर बनवा लेंगे, लेकिन ऑपरेशन कर अंगुलियां कम नहीं कराएंगे।