क्या आप जानते हैं कि सड़क किनारे लगने वाले साइन बोर्ड और कार के पुर्जे कैसे बनते हैं। ब्रिटेन में इस तरह की चीजें शवों से निकले मैटल यानी धातु से बनाई जा रही हैं। चौंकिए मत, ऐसा अवैध रूप से नहीं बल्कि सरकारी अनुमति के बाद हो रहा है।
डेली मेल के अनुसार ब्रिटेन में शवों के शरीर से निकले मैटल को रिसाइकिल करके रोड साइन बोर्ड, कार के पुर्जे और यहां तक कि हवाई जहाज का इंजन तक बनाया जा रहा है।
ब्रिटेन के 260 शवग्रहों में लाए जाने शवों से मैटल पार्ट निकाले जाते हैं और उन्हें रिसाइकिल करने के बाद कई तरह की चीजें बनाई जाती है।
डच कंपनी 'ऑर्थोमेटल' शवों से निकली धातु को रिसाइकिल करके विभिन्न चीजें बनाती है। इस काम के लिए 'ऑर्थोमेटल' का 260 शवग्रहों के साथ करार है।
शवग्रहों में इन शवों से सोना, चांदी, तांबा पीतल और यहां तक कि कोबेट और टिटेनियम तक मिलता है।
दरअसल आमतौर पर लोग अपने शरीर में कोई अंग क्षतिग्रस्त होने पर मैटल के अंग लगवाते हैं। कुछ लोग दांत में सिल्वर और गोल्ड फिलिंग कराते हैं और कुछ कोबेट (बहुमूल्य धातु) के नकली दांत लगवाते हैं। इसी तरह शवों में भी स्टील हिप्स, मेटल के स्क्रू ज्वाइंट और सिल्वर प्लेट्स फिट रहते हैं।
हालांकि इसके लिए मृतक के परिजनों से बाकायदा इजाजत ली जाती है। शव को क्रीमेशन मशीन में डालने से पहले परिजनों से पूछा जाता है कि क्या वो शव से निकले मैटल को लेना पसंद करेंगे। आमतौर पर परिजन इससे इनकार कर देते हैं और फिर उनसे इन्हें रिसाइकिल करने की अनुमति मांगी जाती है।
क्रीमेशन के बाद इन शवों से ये मेटल निकाल कर रिसाइकिल कंपनी को दे दिया जाता है। कंपनी इन्हें रिसाइकिल करके इस मैटल से कार के पुर्जे, साइन बोर्ड, लैंप पोस्ट बनाती है। महंगे टिटेनियम और कोबेट से हवाई जहाज के इंजन का निर्माण हो रहा है।
ऑर्थोमेटल का कहना है कि एक साल में इस तरह के 75 टन मैटल का निर्माण होता है। शवग्रह इस मैटल को बेच कर प्राप्त होने वाली आय को चैरिटी में दे देते हैं।