कोई अगर आपसे ये पूछे कि आपको खाने में क्या पसंद है तो आप उसे तरह-तरह के पकवानों के नाम बता देंगे। लेकिन इन महाशय के साथ ऐसा नहीं है।
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मेट्रो के अनुसार, इन्हें दुनिया का कोई व्यंजन रास नहीं आता और न ही ये खाना खाते हैं। मुंह के स्वाद और पेट की भूख के लिए ये शख कीड़े-मकोड़े खाता है।
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इस शख्स का नाम है पीटर बिकरटन। पीटर को ब्रेकफास्ट में टिड्डे, लंच में झिंगुर और रात के खाने में मोम वाले कीड़े खाना पसंद है। हालांकि ये सब शुरुआत से नहीं है पर पिछले 3 साल में वो करीब 16 हजार से ज्यादा कीड़-मकोड़े खा चुके हैं।
इन सब की शुरुआत एक प्रयोग से हुई थी, जब उन्होंने एक नॉनवेज बर्गर में झींगुर को दबाकर खाया था। उसका स्वाद उन्हें इसका रास आया कि कीड़े खाना उनकी आदत बन गई। वो इन कीड़े-मकोड़ों को खाने के लिए तरह-तरह के प्रयोग करते हैं।
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पीटर बताते हैं कि उनके अंकल की मौत ने उन्हें इस ओर मोड़ा। पीटर मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से पादप विज्ञान में पीएचडी कर रहे हैं। उनके अंकल की मौत कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाने की वजह से हुई थी और वो अपने लिए ऐसा नहीं चाहते थे।
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उन्हें पता चला कि कीडों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बेहद कम होती है।