कुछ ऐसे किस्से तो सुने होंगे कि कई सालों तक भटकने के बाद चिट्ठी मालिक तक पहुंच गई। लेकिन बटुए के बारे में ऐसा कभी नहीं होता। ये जिसके हाथ लग जाए वो पैसा निकाल बटुआ फैंक देता है।
लेकिन एक बटुआ रुपए पैसे समेत अपने मालिक तक पहुंचा वो भी 35 साल बाद। 1978 में रिचर्ड लेन का बटुआ गायब हो गया था। रिचर्ड को लगा कि बटुआ शायद कभी न मिल पाए।
लेकिन 35 साल बाद रिचर्ड को अचंभा हुआ जब दो युवक उसका पता पूछते हुए आए। उन्होंने कहा कि वो सेंट लेविस के स्पोर्ट्स सेंटर की मरम्मत का काम कर रहे थे और दीवार के बीच उन्हे ये बटुआ मिला।
इन युवकों का नाम नोए और रिचर्ड थांपसन है। इन्होंने बताया कि ये दोनों खुदाई के काम में लगे थे कि दीवार के भीतर एक बटुआ दबा मिला। बटुए को झाड़ने के बाद इसमे कुछ रुपए और मालिक के कुछ कागजात थे।
इन्ही कागजात के बल पर नोए और रिचर्ड रिचर्ड लेन तक पहुंचे और बटुआ उन्हें सपुर्द कर दिया।
रिचर्ड लेन ने कहा कि जब बटुआ खोया तो उन्हें यकीन हो गया था कि वो अब नहीं मिलेगा। उन्हें लगा कि किसी ने बटुए में रखे 10-15 डॉलर निकाल कर उसे फेंक दिया होगा। लेकिन रिचर्ड को इस बात का अंदाज नहीं था कि बटुआ केवल मिसप्लेस हो गया था।