जो लोग शान से जीते हैं वो शान से मरने की तैयारी पहले ही कर जाते हैं। विदेशों में तो अग्रिम कब्र बुकिंग का प्रचलन पहले से है लेकिन भारत में इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है।
औरेया के आर्य नगर निवासी बहत्तर वर्षीय प्रेम प्रकाश अग्रवाल प्रेमी ने जीते जी अपनी कब्र बनवा ली है। उन्होंने अपने मकान के सामने पार्क में गुलाब के पौधों के मध्य संगमरकर की आलीशान कब्र निर्मित कराई है। जबसे प्रेम प्रकाश ने कब्र बनवाई है तबसे उसे देखने आने वालों का तांता लग गया है। कुछ लोग इसे प्रेम प्रकाश का पागलपन करार दे रहे हैं तो कुछ लोग ये मान रहे हैं कि उसने दूरंदेशी दिखाई है।
हालांकि इस संबंध में अभी तक प्रेम प्रकाश के परिवार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। लेकिन माना जा रहा है कि अपने परिवार वालों की अनदेखी से दुखी होकर प्रेम प्रकाश ने यह कब्र बनवा ली है। आर्य नगर में इस बात की चर्चा है कि प्रेम प्रकाश नहीं चाहते कि मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों में कोई विवाद हो।
कब्र के सामने शिलाखंड पर जन्म तिथि भी खुदवा ली गई है। दूसरे सिरे पर मृत्यु तिथि के सामने स्थान रिक्त रखा गया है। कब्र छह फीट लंबी और इतनी ही चौड़ी है। कब्र पर टीन का बाक्स मृत देह के लिए रखा गया है। प्रेमी ने मृत्यु पत्र भी छपवा लिया है, जिसमें अंतिम संस्कार करने वाले परिजनों की नामावली है। उन्हीं पर कब्र की देखभाल की जिम्मेदारी भी पत्र में घोषित की गई है।