कोई बाप अपने नवजात बच्चे के साथ ऐसा करने की सोच भी कैसे सकता है कि पैसे बचाने के लिए अपने ही बच्चे को एचआईवी का इंजेक्शन लगा दे।
सेंट लुइस में एक क्रूर बाप ने बच्चे की देखभाल में खर्च होने वाले पैसे बचाने के लिए उसे एचआईवी का इंजेक्शन लगा दिया। उसने सोचा तो यही था कि एचआईवी का इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हो जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
मौत का जबड़ा और बच निकलने का हौसला
क्रेजी न्यूज की खबर के अनुसार, ब्रायन स्टीवर्ट नाम के इस शख्स ने अपने 11 महीने के बच्चे को उस समय इंजेक्शन लगा दिया जब वो अस्थमा के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था।
अचार बन चुका था सांप, जार में हाथ डालते ही काट खाया
हालांकि जब इस बाप के कुकर्मों का पता चला तो उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। सुनवाई के दौरान जब जज ने उससे पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया तो उसने साफ तौर पर कहा कि वो नहीं चाहता था कि बच्चा जिंदा रहे।
एक दिमाग, दो सिर, चार आंख, कौन है ये?
11 महीने के ब्रियान जैक्सन की उम्र पांच साल हुई तो डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि वो पांच महीने से ज्यादा जिंदा नहीं रह सकता। लेकिन आज जैक्सन 22 साल के युवा हैं। दिलचस्प बात ये है कि जैसन पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
हालांकि एचआईवी का इंजेक्शन लगने की वजह से जैक्सन के शरीर पर कुछ असर तो जरूर हुआ। उनकी सुनने की क्षमता सिर्फ 30 फीसदी तक ही बची है।
पांच साल की उम्र से जैक्सन 23 अलग-अल्र तरह की दवाइयां और तीन इंजेक्शन हर रोज लेते हैं। लेकिन उनका जिंदा होना भी किसी अजूबे से कम नहीं है।