अपने को जिंदा साबित करने में जालिम अंसारी को दिन-रात एक करना पड़ रहा है, फिर भी वह यह साबित नहीं कर पाए हैं कि वे जीवित हैं। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के गौरा निवासी जालिम अंसारी अब जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
जालिम अंसारी आपबीती बताते हैं कि कुछ दिनों पूर्व विकास खंड रामपुर कारखाना मुख्यालय पर एक जऱ्रत के लिए परिवार रजिस्टर की नकल लेने गए थे। खंड विकास अधिकारी ने गौरा गांव के ग्राम विकास अधिकारी को नकल देने का आदेश दे दिया। परिवार रजिस्टर का पन्ना पलटते ही ग्राम विकास अधिकारी ने जालिम अंसारी को दो टूक शब्दों में यह बताया कि आप जिंदा नहीं हैं, मर चुके हैं।
जालिम अंसारी यह कहते रह गए कि साहब! मैं सामने खड़ा हूं। क्या मरा आदमी आपके सामने आ सकता है? परंतु ग्राम विकास अधिकारी यही कहता रह गया कि कागज में जो लिखा है, मैं उसी का पालन करुंगा। इसके बाद से तकरीबन तीन महीने जालिम अंसारी को दौड़ते - दौड़ते बीत गए हैं, लेकिन वह अपने को जिंदा करने में सफल नहीं हो पाए हैं। थक-हारकर वे जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने के लिए गुहार लगाई है। जालिम अंसारी के मुताबिक एक गहरी साजिश के तहत कागज में उनको मरा दर्ज किया गया है।
डीएम कुमार रविकांत सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसे दंडित किया जाएगा। यदि जालिम के जिंदा होने की बात सहीं है तो उसका नाम कुटुंब रजिस्टर में दर्ज होगा।