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'मजाक मजाक' में ये क्या बक बैठे जज साहब

Fri, 18 Jan 2013 10:43 AM IST
जकार्ता।
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किसी भी देश की कानून व्यवस्था में न्यायाधीश की जगह सबसे अहम और ऊपर मानी जाती है। कहा जाता है कि जज एक भगवान की तरह फैसले करता है। लेकिन जकार्ता में एक जज साहब ने साक्षात्कार के दौरान रेप सरीखे मामले को लेकर ऐसी अभद्र टिप्पणी कर दी कि सबके सिर शर्म से झुक गए। मामला इंडोनेशिया के सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने के आकांक्षी एक न्यायाधीश के साक्षात्कार का है। जहां जज ने बलात्कार पीड़ित महिलाओं के संदर्भ में सारी हदें पार करते हुए एक अभद्र मजाक कर डाला। जज ने कहा कि 'पीड़िता बलात्कार का मजा ले सकती हैं।'
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अंतरा न्यूज एजेंसी ने बताया कि न्यायाधीश मुहम्मद दामिंग सनुसी ने एक संसदीय समिति के समक्ष यह बेतुका और आपत्तिजनक मजाक किया। देश की सबसे बड़ी अदालत में नियुक्ति के लिए यह न्यायाधीश साक्षात्कार देने उपस्थित हुआ था। यह पूछा गया कि बलात्कार के लिए मौत की सजा होनी चाहिए तो सनुसी ने कहा 'हो सकता है कि बलात्कारी और पीड़िता ने इसका मजा लिया हो, ऐसे में मौत की सजा देने से पहले हमें दो बार सोचना चाहिए। ' बैठक में आए कुछ लोग सुनसी के इस बयान पर भौंचक रह गए तो कुछ ठहाके लगाने लगे।

साक्षात्कार देने के लिए आए सनुसी के इस जवाब को सुनकर वहां समिति के सदस्य ठहाके लगाने लगे। जैसे ही यह खबर सशोल नेटवर्किंग वेबसाइट के जरिए लोगों तक पहुंची तो इसका विरोध देश भर में होने लगा। लोगों का कहना था कि ऐसे व्यक्ति को शीर्ष अदालत का जज नहीं बनाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं कई लोगों ने ऐसे न्यायाधीश को गोली मारने तक भी सलाह दी है। हालांकि बाद में सनुसी ने अपने इस बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि वो ‘साक्षात्कार का तनाव’ कम करने के लिए मजाक कर रहे थे और समिति के सदस्यों ने भी इसे मजाक की तरह लिया।
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