एक तरफ जहां दुनिया में लोग अपने स्वार्थ के लिए एक दूसरे के खून के प्यासे हैं वहीं दूसरी तरफ स्वेच्छा से कोई अपना खून देता फिर रहा है। ऐसी ही मिसाल बन गए हैं जोशी भाई। इनका ब्लड ग्रुप बेशक ‘ए निगेटिव’ है पर सोच पॉजिटिव है। तभी तो दोनों भाई स्वैच्छिक रक्तदान कर अब तक दर्जनों लोगों की जान बचा चुके हैं। इन दो भाइयों की तरह यदि लोग रक्तदान के लिए आगे आएं तो खून के अभाव में किसी की मौत नहीं होगी।
वसुंधरा कॉलोनी के प्रकाश जोशी और मनोज जोशी निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। मनोज पटेल चौक में खाने की ठेली और प्रकाश चाय दुकान चलाते हैं। दोनों भाइयों का ब्लड ग्रुप ‘ए निगेटिव’(रेयर) है तथा रक्तदान कर दोनों अब तक दर्जनों लोगों की जान बचा चुके हैं।
36 वर्षीय प्रकाश जोशी कहते हैं कि जरूरतमंदों को खून देकर उन्हें सुकून मिलता है। प्रकाश के मुताबिक साल में कम से कम तीन बार रक्तदान करना चाहिए। वह खुद अब तक 27 बार जरूरतमंदों को खून दे चुके हैं। इनमें अधिकतर सड़क हादसों में घायल लोग थे।
21 वर्षीय मनोज भी खून देने में बड़े भाई से पीछे नहीं हैं। वह जरूरतमंदों को खून देने के लिए दुकान तक छोड़ देते हैं। बकौल मनोज वह खून देकर अब तक नौ लोगों की जान बचा चुके हैं। कई बार तो दोनों भाइयों ने एक साथ रक्तदान किया है। जरूरतमंद लोग तो आधी रात को भी उनके घर पहुंच जाते हैं। मनोज बताते हैं कि कुछ माह पहले गर्भवती महिला को उन्होंने ब्लड दिया था। इसके ठीक दो महीने बाद ही सड़क हादसे में घायल युवक को बचाने के लिए उसे भी रक्तदान किया था।
चलते फिरते ब्लड बैंक हैं प्रेम बेलवाल
प्रेम बेलवाल हल्द्वानी के लोगों के लिए अनजान नहीं हैं। प्रेम बेलवाल अस्पताल में रहकर जरूरतमंदों एवं निराश्रितों की मदद करते हैं। ब्लड बैंकों में रेयर ग्रुप नहीं मिलने पर हर जरूरतमंद प्रेम बेलवाल के संपर्क में आता है। प्रेम बेलवाल रेयर ब्लड ग्रुप वालों का पूरा रिकॉर्ड रखते हैं। जरूरतमंद व्यक्ति को खून दिलाने के लिए बेलवाल खुद रक्तदाता को लेने उसके घर पहुंच जाते हैं। 40 वर्षीय बेलवाल पिछले 15 सालों से लोगों की मदद कर रहे हैं।