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'सेक्स का मसीहा' और निर्वस्त्र पार्टियों का सच

Mon, 20 May 2013 03:28 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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खुद को सेक्स का मसीहा कहने वाला ये शख्स शांत पहाड़ों पर सेक्स क्रांति लाने के लिए 'निर्वस्त्र पार्टी' किया करता था। लेकिन एकाएक ऐसा क्या हो गया जो वो सेक्स क्रांति छोड़कर एक शांत और संयमित जीवन की ओर मुड़ गया।
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बात हो रही है साठ और सत्तर के दशक में लॉस एंजलिस के पहाड़ी इलाके में सेंडस्टोन फाउंडेशन चलाने वाले जॉन विलियमसन की। दो माह पहले ही 80 साल की उम्र में जॉन की मौत हुई तो उसकी निर्वस्त्र पार्टियों और सेक्स क्रांति के बारे में जिक्र उठा।

जानकार बताते हैं कि विलियमसन खुद को सेक्स मसीहा कहता था। ऐसा मसीहा जो एक फाउंडेशन के तहत वस्त्र मुक्त जीवन और मर्यादा मुक्त प्रेम की वकालत करता था।

नासा में बतौर रॉकेट इंजीनियर नौकरी कर चुके जॉन और उसकी पत्नी बारबरा सेक्स क्रांति के पक्षधर थे और उनका मानना था कि बंधनों में बंधकर प्रेम को नहीं जाना जा सकता।
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इसीलिए उन्होंने लॉस एंजलिस की पहाड़ियों पर 15 एक़ड़ में फैला सेंडस्टोन फाउंडेशन बनाया।

कहा जाता है कि इस फाउंडेशन की खासियत यही थी कि यहां मौजूद हर शख्स बिलकुल निर्वस्त्र रहता था। इस फाउंडेशन के सदस्यों में डॉक्टर, वकील, बड़े व्यापारी, हॉलीवुड स्टार और कई राजनेता भी शामिल थे।

खास बात ये रही कि इस तरह की पार्टियों का इश्तेहार किसी अखबार में नहीं मिलता था। बातचीत और गुप्त सूचनाओं से पार्टियों की खबर फैलती थी और लोग इसका हिस्सा बनते थे।

एक पार्टी में 500 लोग शामिल हो सकते थे। यहां निर्वस्त्र रहना पहली शर्त थी। उन्मुक्त प्रेम प्रदर्शन और रचनात्मक काम करने की यहां आजादी थी। बड़े बड़े लोग हाथ में गिलास थामे राजनीतिक और सामाजिक बहस करते दिखते थे।

पत्नियों की अदला बदली, शराब का दौर और पहाड़ की ऊंची चोटी पर खेल इस पार्टी की खासियत थी। यहां किसी पत्नी को पति से छिपकर दूसरे से संबंध बनाने की बजाय दूसरा साथी चुनने की आजादी थी।

इस तरह की पार्टियां बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार की रात को हुआ करती थी।

इन पार्टियों में मशहूर डॉ एलेक्स कंफोर्ट, ब्रिटिश अभिनेता सेमी डेविस, पीटर लाफोर्ड, सिंगर बॉबी ड्रेन और उनकी पत्नी सांद्रा डी जैसे मशहूर लोग आया करते थे।

जॉन का तर्क था कि अगर लोग उन्मुक्त प्रेम का रास्ता अख्तियार करें तो समाज नए रंग में आ जाएगा। अगर पति पत्नी ये जानते हों कि पार्टनर क्या कर रहा है तो छिपने छिपाने की नौबत नहीं आएगी और संबंध तलाक तक नहीं पहुंचेंगे।

70 का दशक बीतते बीतते जॉन और बारबरा की सेक्स क्रांति की मुहिम कमजोर पड़ने लगी। दरअसल लोग उनकी पार्टियों के लिए फीस देने के इच्छुक नहीं रहे और अखबारों में जॉन की विचारधारा का अच्छा खासा मखौल उड़ने लगा।
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1973 में जॉन को सेंडस्टोन बेचना पड़ा। आजीविका के लिए जॉन इलेक्ट्रानिक्स की तरफ और बारबरा इन्श्योरेंस की तरफ मुड़ गई।
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