इस खबर का शीर्षक पढ़कर संभवत: आपके दिमाग में दो ख्याल आए होंगे। पहला यह कि नौकरी छोड़ने वाला शख्स मूर्ख होगा और दूसरा कि क्या पैसे भी किसी को बुरे लगते हैं?
पर अगर आप इसे मजाक समझ रहे हैं तो हम आपको बता दें कि ये खबर कोई फेक न्यूज नहीं बल्कि हकीकत है।
मिलिए, असल जिंदगी की मोगली से
मेट्रो की खबर के अनुसार, इस कंप्यूटर प्रोग्रामर ने अपनी अच्छी-खासी नौकरी केवल इसलिए छोड़ दी, क्योंकि उसे वेतन बहुत ज्यादा मिलता था।
आईटी नामक कंपनी में काम करने वाले संदीप जिया ने अपनी 45 हजार रुपए की नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ दी क्योंकि उसे ये रकम बहुत ज्यादा लगती थी।
संदीप कहते हैं कि मैं तनाव में आ गया था और इस तनाव से बाहर आने के लिए मैंने सोचा कि मुझे ये नौकरी ही छोड़ देनी चाहिए।
संदीप कहते हैं कि उन्हें इस बात का बेहद अफसोस था कि इसी बेंगलुरू में कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें दो वक्त का खाना नसीब नहीं होता।
'हर टीम में एक ही गुंडा होता है और यहां का गुंडा मैं हूं'
वो बताते हैं कि उन्होंन अपने अधिकारियों से सैलरी कम करने के लिए भी कहा, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।
वहीं मनोचिकित्सक मानते हैं कि संदीप के मन में अपराध बोध भर गया और इसीलिए ही उन्होंने ये किया।