जानलेवा महंगाई का असर आम जनता पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में घोड़े तो घोड़े गधे भी महंगे हो गए हैं। महंगाई का साफ असर उज्जैन के गधे मेले पर दिख रहा है जहां खरीदारों को गधों की कीमत सुनकर आश्चर्य हो रहा है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में प्राचीन समय से प्रति वर्ष कार्तिक माह के अंत में मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के किनारे लगने वाले गधा मेले में इस बार गधे, खच्चर और घोड़ों की कीमतों पर महंगाई का असर साफ देखा जा सकता है। खरीदार बताते हैं कि पिछले कुछ साल पहले जहां इस मेले में गधे चार या पांच हजार में मिल जाया करते थे, अब दस हजार से ज्यादा के बिक रहे हैं।
कार्तिक एकादशी 24 नवंबर से शुरू हुए इस चार दिवसीय मेले का आयोजन प्रतिवर्ष उज्जैन नगर निगम द्वारा किया जाता है। मेले में बिकने के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से हजारों गधे, खच्चर और घोडे़ लाए गए हैं। महंगाई की मार के कारण एक गधे अथवा खच्चर की कीमत दस हजार रुपये तथा घोडे़ की 25 हजार रुपये है। दो साल पहले यहां सबसे महंगा और बढ़िया गधा 11 हजार में बिका था और इस बार सामान्य गधे की कीमत भी दस हजार पार कर गई है।
बिकने के लिए आए गधों की बहुत मौज रहती है। इस मेले में उनकी काफी खातिरदारी की जाती है। इन गधों को रोजाना स्नान कराया जाता है। अच्छी खिलाई-पिलाई करके उन्हें मेले में खड़ा किया जाता है। इन गधों पर वजन लाद कर बाकायदा उनकी क्षमता परखी जाती है।