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इस बच्ची की कहानी पढ़कर, छलक जाएंगी आंखें

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तस्वीर में नजर आने वाली नन्ही एंबर ट्रेवर्स उस समय महज दो साल की थी, जब उसे मस्तिष्क जवर हो गया था। उसकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि लगा अब वो बचेगी नहीं।
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उसे तीन दिन तक गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया और अंत में डॉक्टरों को उसके हाथ और पैर काटने पड़े। आज तीन साल बाद, जबकि वो पांच साल की हो गई है, उसने ये फोटोशूट कराया है।

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ये फोटोशूट किसी विज्ञापन के लिए नहीं बल्कि इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के लिए है।

तस्वीर में बहन भी है साथ

एंबर के साथ नजर आने वाली सामान्य लड़की उनकी बहन जेड हैं। ये सभी तस्वीरें ऑस्ट्रेलियाई फोटोग्राफर एन गैडेस ने एक कैंपेन के तहत ली हैं।

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मस्तिष्क ज्वर एक बेहद खतरनाक बीमारी है। जिसके बिगड़ जाने पर पीड़ित के हाथ-पैर काटने पड़ जाते हैं। ये एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी वजह से दिमाग की कोशिका और रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है।

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इस बीमारी के हो जाने पर पीड़ित के सिर में तेज दर्द-उल्टी होने लगती है और हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं।
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दूसरे बच्चे भी जुड़े हैं इस मुहिम से

एंबर के अलावा हार्वे पैरी और एली मे ने भी इस मुहिम के लिए फोटोशूट कराया है।

अगर डायनोसोर होते, तो कुछ इस तरह पार करते जीटी रोड

फज्ञेटोग्राफर का कहना है कि लोग बस एकबार इन बच्चों को देखें, उन्हें समझ आ जाएगा कि ये बीमारी किस हद तक खतरनाक साबित हो सकती है।(daily mail)
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