उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक सरकारी कर्मचारी शराब के नशे में दो दिन तक लेडीज टॉयलट में बंद रहा।
शराब के नशे में दो दिन तक लगातार भूखा-प्यासा यह कर्मचारी लेडीज टॉयलेट में जाकर बेहोश हो गया। सोमवार सुबह ऑफिस पहुंचे कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो टॉयलेट का दरवाजा तोड़कर बेहोश कर्मचारी को बाहर निकाला गया।
यह घटना दिन भर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। सभी की जुबान पर एक ही सवाल था कि किसी कारणवश अगर अवकाश 5-6 दिन का होता, तो क्या होता।
सोमवार सुबह विकास भवन में तैनात एक महिलाकर्मी ने जब टॉयलेट का प्रयोग करना चाहा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आधा घंटे बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो शक होने पर उसने दरवाजा खटखटाया।
इसके बाद भी अंदर से कोई आवाज न आने पर उसने अन्य कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान से कर्मचारियों ने देखा तो सन्न रह गए। टॉयलेट के अंदर एक व्यक्ति अर्धनग्न हालत में पड़ा था।
कर्मचारियों ने इसकी सूचना तत्काल ही पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसपी सिटी शिवशंकर यादव मौके पर पहुंचे। टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा गया और बेहोश व्यक्ति को बाहर निकाला गय। जब उस पर पानी डाला गया तो वह उठ कर बैठ गया।
उसके मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। पता चला है कि टॉयलेट में बंद व्यक्ति सरकारी कर्मचारी है और गैरजनपद में तैनात है। पूछताछ करने पर भी वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और माफी मांगता हुआ चुपचाप वहां से चला गया।