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15 सालों बाद खाना खाएगी ये लड़की!

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कहते हैं पानी के बगैर इंसान जीवित नहीं रह सकता है। लेकिन ये भी बात उतनी ही सच है कि ज्यादा दिनों तक कोई खाना खाए बगैर भी जीवित नहीं रह सकता है।
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एक दिन के व्रत में लोगों का हाल बुरा हो जाता है।

तो जरा सोचिए 20 साल की हैना लिटिल आखिर इतने लंबे वक्त तक बिना खाना खाए जिंदा कैसे रह गई।

चिप्स ने रखा जिंदा

हैना को बचपन से खाना खाना बिल्कुल पसंद नहीं था। वो दिन भर बस अपने पसंद का खाना यानी के चिप्स खाती रहती थी।

जब वो पांच साल की थी तभी उस पर चिप्स खाने का जैसे भूत सवार हो गया। पांच से लेकर बीस सालों तक उसने अपने हर एक दिन में बस चिप्स ही खाया है।

लेकिन बीस साल की उम्र में उसे इस बात का एहसास हो रहा है कि उसने अब तक खाने से दूरी रखकर अच्छा नहीं किया। इससे वो काफी कमजोर हो गई है और खाना खाने की आदत बिल्कुल भूल चुकी है।

हो गई बड़ी मुश्किल

बीस साल होने पर जब हैना ने अपने मन को मनाकर खाने की कोशिश की, तो चाहते हुए भी वो कुछ खा ही नहीं पा रही थी।

उसने अपनी मुसीबत से परेशान होकर डॉक्टरी सलाह लेना बेहतर समझा और वही किया। डॉक्टरों का कहना है कि अब हैना को खाने के लिए सम्मो‌‌ह‌ित करना पड़ेगा नहीं तो ऐसे वो खा ही नहीं पाएगी।

डॉक्टरों का मानना है कि हैना को सिलेक्टिव ईटिंग डिसऑर्डर नाम की बीमारी हो चुकी है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति किसी एक चीज को खाने का इस हद तक आदी हो जाता है कि फिर वो और कुछ भी नहीं खाता है।

हिप्नोटाइज करना होगा

हैना को खाने की आदत डलवाने के लिए डॉक्टरों ने उसे हाइप्नोथेरिपी देने की सोची।

इस थेरेपी के तहत पीड़ित व्यक्ति को उसके होश से बाहर निकाला जाता है और बेहोशी जैसी अवस्‍था में ले जाकर उसको खाना खिलाया जाता है।

एक तरह का हिप्नोटाइज ट्रीटमेंट, इसमें पीड़ित को कई तरह का भोजन ‌द‌िया जाता है।
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अब खाने लगी है वो

इस ट्रीटमेंट का फायदा सच में हैना को मिला है। अब तक उसके साथ दो सेशन हो चुके हैं और अब वो आम और पिज्जा खाने लगी है।

खुद हैना को अब भरोसा हो चुका है कि वो खाने को पसंद करने लगेगी और चिप्स की भयंकर आदत से खुद को बाहर निकाल लाएगी।

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