ऐड्रियू को अंगूठे पर लगी एक छोटी सी चोट के बाद पता चला कि उन्हें कैंसर है। जब उनकी वो चोट कई दिनों तक ठीक नहीं हुई तब उन्होंने इसकी जांच करवाई।
जांच में जो पता चला वो पैरों तले जमीन खिसकाने के लिए काफी था। दरअसल, 42 साल के ऐड्रियू हिकी को टर्मिनल कैंसर है।
डॉक्टरों के मुताबिक उनका मरना तय है और आने वाले दिनों में वो कभी भी मर जाएंगे।
तो किया पूरा इंतजाम
ऐड्रियू के बच्चे अभी बहुत ही छोटे हैं। उनके बच्चों की उम्र चार और छह साल की है। वो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अकेले ही रहते हैं।
जब उन्हें पता चला कि अब वो ज्यादा दिनों के मेहमान नहीं है तो फिर उनके दिमाग में अपने क्रिया कर्म को लेकर उलझन पैदा हुई।
अकेली पत्नी और दो छोटे बच्चे ये सब कैसे करेंगे, ये सोच के ही ऐड्रियू परेशानी में आ गए। तभी उन्होंने लिया बड़ा फैसला।
जीते जी किया क्रिया-क्रम
ऐड्रियू ने आने वाली परेशानी से अपने परिवार वालों को बचाने के लिए खुद ही जाकर अपने लिए कॉफिन यानी ताबूत खरीदा, कब्र दफन कराने के लिए जगह बुक कराई, अपने बच्चों को अपनी यादें ताजा रखने के लिए मेमोरी बॉक्स भी खरीदा।
उन्होंने जीते जी अपना अंतिम संस्कार करा लिया। उनका मानना है कि ऐसा करने से बच्चों और पत्नी को आने वाले समय में किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अंतिम संस्कार के सभी रीति रिवाज में उनके बच्चों और पत्नी ने भी हिस्सा लिया।
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