अमेरिकी सेना में 20 साल तक सेवाएं देने और अपनी बहादुरी के बल पर तमात सम्मान हासिल करने वाले क्रिस बेक आखिरकार एक महिला बन ही गए।
महिला बनने के बाद क्रिस बेक का नाम क्रिस्टीन बेक हो गया है। इस अमेरिकी सैनिक का कहना है कि वह अब हारमोन थैरेपी ले रहा है और सर्जरी करवा कर पूरी तरह महिला बन जाना चाहता है।
आतंकी ओसामा बिन लादेन का खात्मा करने वाली नेवी सील टीम सिक्स के सदस्य रहे बेक को सारी दुनिया में तेरह बार महत्वपूर्ण मिशनों पर भेजा गया।
लड़ाई के मैदान में वह सात बार तैनात रहा और बहादुरी के लिए उसे पर्पल हार्ट और एक कांसे का स्टार मिला था। बेक नेवी सील टीम सिक्स से 2011 में रिटायर हो गया था।
इसके बाद 46 वर्षीय बेक टैम्पा में एक मिलिटरी कंसलटेंट के तौर पर काम कर रहा था। मार्च में उसने अपने लिंकेडलन प्रोफाइल पर खुद को एक महिला के तौर पर दर्शाने वाली तस्वीर लगाई।
उसने लिखा कि अब मैं अपनी सारी पहचानों को छोड़ रहा हूं और दुनिया को यह बता रहा हूं कि मेरी असली पहचान एक महिला की है। तीन महीनों पहले ही उसने हारमोन का इलाज लेना शुरू किया।
बेक ने अपनी कहानी को एक किताब में लिखा है जिसे श्वारियर प्रिंसेज : यूएस नेवी सील्स जर्नी यू कमिंग आउट ट्रांसजेंडर। बेक अमेरिका में रक्षामंत्री के कार्यालय और साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में भी काम कर चुके हैं।