मिस्टर इंडिया फिल्म तो आपने देखी ही होगी। उसमें अनिल कपूर कैसे गायब होकर विलेन के साम्राज्य को खत्म करते हैं। हकीकत में भी कुछ ऐसा ही होगा। बस यहां फर्क इतना होगा कि आपका दुश्मन गायब होगा और आप कुछ नहीं कर पाएंगे। इसलिए नहीं कि आपके पास हथियार या हिम्मत की कमी है बल्कि इसलिए कि आपको सामने वाला व्यक्ति दिखाई ही नहीं दे रहा। हैरानी तो आपको हो रही होगी, लेकिन कल्पना के सच होने की भी पूरी संभावना है। यूएस मिलिट्री फोर्स अपने सैनिकों की सुरक्षा और जीत को पुख्ता करने के लिए कुछ ऐसे प्रयोग कर रही है, जिससे सैनिक पूरी तरह अदृश्य हो सकेंगे। इसके लिए कैमफ्लाश (छिपाने वाला साधन) फैब्रिक की ड्रेसेज का इस्तेमाल किया जाएगा।
दावा किया जा रहा है कि इसे पहनने के बाद व्यक्ति बिलकुल दिखाई नहीं देता है। इस तरह के फैब्रिक को क्वांटम स्टेल्थ मैटेरियल का एक प्रकार माना जा सकता है। क्वांटम स्टेल्थ नामक यह मैटेरियल प्रकाश का रास्ता मोड़कर उसे व्यक्ति पर पड़ने से रोकता है, जिससे व्यक्ति दिखाई ही नहीं देता।
इसके निर्माता इसकी तुलना हैरी पॉटर की इनविजिबल क्लॉक से भी कर रहे हैं। फिलहाल भविष्य की इस अदृश्य आर्मी के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके निर्माण में जुटी कैनेडियन कंपनी हाइपरस्टेल्थ बायो टेक्नोलॉजी कोरपोरेशन के सीईओ ग्रे क्रेमर का कहना है कि कंपनी की वेबसाइट पर इसकी तकनीक के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
इसके कुछ दिलचस्प प्रभावों को दिखाने वाली तसवीरें जरूर वेबसाइट पर देखी जा सकती है। ग्रे क्रेमर के मुताबिक यूएस मिलिट्री और फेडरल इमरजेंसी रिस्पांस टीम समेत कैनेडियन मिलिट्री के समूह भी इस तकनीक का परीक्षण कर चुके हैं। क्रेमर के मुताबिक कुछ विश्लेषक बेशक इस तकनीक पर अविश्वास जता रहे हैं। कुछ लोग इसे फोटो एडिटिंग का परिणाम भी बता रहे हैं, लेकिन इसकी जांच की जा चुकी है।
यूएस और कैनेडियन मिल्ट्री दोनों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह थर्मल ऑपटिक्स और मिलिट्री आईआर स्कूप्स का मुकाबला करने में काफी कारगर होगा। यह तकनीक बिना कैमरा, बैटरी, लाइट और मिरर के काम करता है। यह हलके वजन वाला और सस्ता है।
अपनी कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टेटमेंट में मिस्टर क्रेमर ने बताया है कि वह ऐसी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर सकते, जिससे यह पता चले कि यह फैब्रिक किस तरह उसे पहनने वाले व्यक्ति के आसपास प्रकाश को आने से रोकता है। इसकी बजाय वह ऐसे उदाहरण दे सकते हैं कि जिससे इसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी मिल सके। क्रेमर के मुताबिक यह तकनीक पायलेट्स के लिए काफी उपयोगी होगी। इससे प्रमुख सुरक्षा दलों को दिन के उजाले में भी धावा बोलने में मदद मिलेगी, वो भी बिना किसी की नजर में आए।
इससे नेक्स्ट जनरेशन स्टेल्थ(रेडार से बच निकलने वाला) एयरक्राफ्ट बनाने में सहायता मिल सकती है। इस तरह के एयरक्राफ्ट न सिर्फ रेडार के सामने अदृश्य होते हैं, बल्कि नंगी आंखों से भी दिखाई नहीं देते। साथ ही यह पनडुब्बियों को उस वक्त भी गुप्त रहने में मदद कर सकेंगे, जब कि वह दुश्मनों के बेड़े के बेहद नजदीक हों। यानी भविष्य अदृश्य आर्मी का होगा! तकनीक और प्रयोगों की दुनिया में चाहे जो हो, दुनिया में शांति के लिए यही उम्मीद की जा सकती है कि युद्ध की नौबत ही न आए।