केनिया के माइक बुगारा नामक उत्साही संरक्षणविद ने अफ्रीकी हाथी की दयनीय स्थिति के बारे में चेतना जगाने के लिए एक विलक्षण विधि अपनाई है - वे हाथियों के मल से कागज बनाते हैं।
हाथियों के पसंदीदा विहार स्थल माउंट केनिया नामक पर्वत की ढलानों में पले-बढ़े बुगारा जानते हैं कि हाथियों के मल में रेशे का अंश काफी अधिक होता है। उन्होंने उन किसानों से हाथी का मल प्राप्त किया जिनके खेतों में ये जानवर घुस आए थे, और कुछ प्रयोगों के बाद कागज बनाने की एक कारगर प्रक्रिया खोज निकाली।
यद्यपि उनके द्वारा बनाया गया कागज कुछ खुरदुरा होता है और दफ्तरों आदि में शायद ही उसका उपयोग हो सके, लेकिन बुगारा का कहना है कि वन्यजीवों के जो चित्र वे बनाते हैं, उनके लिए यह कागज उत्तम हैं। इन चित्रों को बेचकर वे जो पैसा बना पाते हैं, उसे हाथियों को बचाने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता लाने में खर्च करते हैं।
अब केनिया की वन्यजीवन सेवा उन्हें मल उपलब्ध कराने लगी है। हाल ही में इस सेवा ने अपने पचासवें वर्षगांठ के लिए इस कागज पर निमंत्रण पत्र बनाने के लिए बुगारा से कहा तथा इस अवसर पर देश के राष्ट्रपति को बुगारा द्वारा हाथी के मल से बनाए गए कागज पर तैयार किया गया केनिया का मानचित्र भेंट किया।
हमारे यहां के हाथियों की हालत भी पतली है। पता नहीं वे इस पृथ्वी पर कितने और दिनों के मेहमान हैं। ऐसे में यदि उन्हें भी बुगारा जैसा कोई देशी समर्थक मिल सके, तो कुछ बात बन सकती है।