दुनिया में मुख्य रूप से तीन तरह के लोग होते हैं। शाकाहारी, मांसाहारी और सर्वाहारी। कहने को तो ये मांसाहार ही है लेकिन इन्हें देखने के बाद आप खाना खाने से पहले कुछ पल को रुक जाएंगे।
इंडोनेशिया के परंपरागत तोमाहोन बाजार में मांसाहार की कई ऐसी किस्में हैं, जिनके बारे में आपने पहले नहीं सुना होगा। अगर सुना होगा तो संभवत: उनका ऐसा रूप पहले कभी नहीं देखा होगा।
खड़े-खड़े डाल देते हैं तंदूर में
यहां कुत्तों, चूहों, चमगादड़ों को बिना काटे साबूत भून दिया जाता है। इन कुत्तों को दर्जनों की संख्या में पिंजरे में भरकर लाया जाता है और उसके बाद उन्हें एक-एक करके भून दिया जाता है।
पिंजरे में बंद ये कुत्ते अपने साथियों को एक-एक करके तंदूर की आग में जलते देखते हैं। इसी बाजार में कहीं चूहे, कहीं बिल्ली, भूने अजगर तो कहीं बंदर भूने जाते हैं।
मरने के बाद भी झलकता है दर्द
इन जानवरों को खड़े-खड़े पका दिया जाता है लेकिन पकाए जाने से पहले का दर्द मरने के बाद भी उनके चेहरे से साफ झलकता है। भून दिए जाने के बाद इन जानवरों को बाजार में खुले टेबल पर पटक दिया जाता है, ताकि ग्राहक आए और इन्हें खरीदे।
भयावह है ये बाजार
इन तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद करने वाले रेमंड वाल्श बताते हैं कि ये बाजार किसी भी आम स्थानीय बाजार जैसा ही है। जहां सब्जियां, फल आदि मिलते हैं लेकिन इन कुत्तों और साबूत भूने जानवरों की वजह से ये बाजार औरों से बिल्कुल अलग है।
वो बताते हैं कि ऐ ओर जहां दुनियाभर में कुत्ते को पालतू जानवर के तौर पर देखा जाता है वहीं यहां ये मांस का भी एक प्रमुख स्त्रोत है।
कैसे पकाते हैं?
डेली मेल के अनुसार, यहां जानवरों को पकाने के लिए खास किस्म का इस्तेमाल किया जाता है। छोटे जानवरों को जहां सलाखों में फंसाकर तंदूर में डाल दिया जाता है वहीं बड़ जानवरों को रस्सी से बांधकर लटका दिया जाता है।
सांप और अजगर को उनका सिर काटकर पकाया जाता है।