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चमत्कारः जब मुर्दा डेढ़ घंटे बाद खड़ा हो गया...

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महाराष्ट्र के औरंगाबद जिले में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। मौत के 90 मिनट बाद एक शख्स फिर से जिंदा हो गया। 41 वर्षीय सरदार संजीत सिंह महात्मा गांधी मिशन चैरिटेबल अस्पताल में एक्स-रे टेक्नीशियन का काम करता है।
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उसे अचानक दिल का दौरा पड़ा और कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गईं। लेकिन डॉक्टरों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। संजीत की सांसें थम चुकी थीं। ब्लड सर्कुलेशन भी बंद हो गया था।

लेकिन डॉक्टरों ने फिर भी कार्डियो-पल्मनरी-रिसक्शन (सीपीआर) जारी रखा। इन 90 मिनट में डॉक्टरों ने मैनुअल तरीके से संजीत की सीपीआर की। यानी हर एक मिनट में हाथों से सौ बार छाती दबाई।
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क्या है का‌र्ड‌ियो-पल्मनरी-रिसक्‍शन?

जब अचानक मरीज की सासें रुक जाएं तो ऐसे में उसके मुंह पर ऑक्सीजन मास्‍क लगाकर, छाती को जोर-जोर से दबाया जाता है। एक मिनट में करीब 100 बार ऐसा किया जाता है। ऐसा चेस्ट कॉम्प्रेशन सिस्टम डिवाइस से भी किया जा सकता है।

इमरजेंसी में मौके पर ऑक्सीजन मास्‍क न हो तो कोई दूसरा शख्स उसके मुंह में लगातार सांस दे सकता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मरीज के दिल तक खून पहुंचना शुरू हो जाए।

खून का बहाव दुरुस्त होने पर इंसान के जीवित बचे रहने की उम्मीद बढ़ जाती है।
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चमत्कार से कम नहीं

डॉक्टरों ने कहा कि संजीत पूरी स्‍वस्थ था। यह उसके लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। कार्डियोलॉजिस्‍ट आनंद देवधर ने कहा कि ऐसे बहुत कम मामलों में पाया जाता है।

ब्लड सर्कुलेशन बंद होने पर इंसान को बचा पाना नामुमकिन हो जाता है। लेकिन संजीत पूरी तरह फिट था।

पहले उसे इस तरह का कभी कोई दौरा नहीं पड़ा था और न ही कोई बीमारी है।
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