दुनिया में डॉक्टरों को इंसानी भगवान का दर्जा दिया गया है। लेकिन जब इंसानी भगवान ही लापरवाही कर दें तो ऊपर वाले को हालात संभालने आना ही पड़ता है। ऐसा ही एक वाकया बीकानेर में हुआ। यहां चिकित्सकों की लापरवाही उस समय देखने को मिली जब प्रसूता लेबर टेबल पर दर्द से करहा रही थी और डॉक्टर उसकी तरफ ध्यान देने के बजाय अपनी बातों में मशगूल थे। इसी दरमियान महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया और बच्चा लेबर टेबल से गिरकर बाल्टी में फिर नीचे गिर गया, लेकिन बच्चा बच गया।
हुआ यूं कि शीतला गेट क्षेत्र निवासी 27 वर्षीय आसिफा को जनाना अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। उसे प्रसव पीड़ा तेज हुई तो परिजनों ने लेबर रूम में मौजूद चिकित्सकों को बताया। आरोप है कि चिकित्सकों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इसी बीच प्रसूता ने सामान्य प्रसव से एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चा महिला के गर्भ से बाहर आते ही लेबर टेबल से नीचे रखी बाल्टी में गिर पड़ा। बच्चा गिरने से बाल्टी तिरछी हो गई और बच्चा पलंग के नीचे चला गया।
यह दृश्य आसिफा की सास वाहिदा बेगम ने लेबर रूम के दरवाजे पास खड़े देखा। तो वह जोर से चिल्लाई और रोने लगी। शोर सुनकर अस्पताल का स्टाफ प्रसूता के पास पहुंचा और बच्चे को संभाला। तब तक वाहिदा भी पलंग के पास पहुंच गई। इस पर नर्सिंग स्टाफ व चिकित्सकों ने उसे धक्का देकर बाहर कर लेबर रूम का दरवाजा बंद कर लिया। चिकित्सकों के इस व्यवहार से प्रसूता के परिजन भड़क गए और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की।