सोचिए आप सोने जा रहे हों और तभी घर में कोई मगरमच्छ घुस जाए तो? नींद तो कहां रफ्फूचक्कर हो जाएगी पता भी नहीं चलेगा। कुछ ऐसा ही बहराइच के विशुनापुर गांव में हुआ।
जहां एक ग्रामीण के अहाते में मगरमच्छ घुस गया। मगरमच्छ ने मवेशियों पर हमला कर दिया। मवेशियों की छटपटाहट सुनकर घर के मालिक ने बाहर जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए।
उसने शोर मचाकर गांव के लोगों को इकट्ठा कर लिया। रात में किसी तरह मगरमच्छ को काबू में किया गया और सुबह वनकर्मियों की मदद से मगरमच्छ को गेरुआ नदी में छोड़ दिया गया।
विशुनापुर गांव के जियाराम थारू रात को मवेशियों को अहाते में बांधकर घर आया था। जब वह खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहा था, तभी अहाते में मवेशियों के छटपटाने की आहट सुनाई पड़ी।
जियाराम मौके पर पहुंचा तो एक मगरमच्छ गाय पर हमला कर रहा था। उसकी सूझबूझ से मगरमच्छ को काबू कर लिया गया।
मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर ने बताया कि मगरमच्छ की उम्र लगभग 10 वर्ष के आसपास रही होगी। रात में बरसात के समय शायद वह गेरुआ से निकलकर मैदानी इलाके में आ गया होगा।