कई दिनों तक खांसी रहने की वजह से टीबी होने का खतरा बताई जाती है। लेकिन अब टीबी होने के लिए सिर्फ यही वजह नहीं रह गई है।
ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसे कई मामलों का खुलासा हुआ है जहां लोगों को अपनी ही बिल्लियों से टीबी हो गई है।
ये यकीन करना मुश्किल है। बिल्लियों से होने वाली टीबी को बोवाइन टीबा कहते हैं।
क्या है बोवाइन टीबी?
बिल्लियां जिन छोटे-छोटे कीड़े को खाती हैं, उनमें बोवाइन नाम के बैक्टिरिया पाया गया है। ये बैक्टिरिया अगर बिल्लियां इन बैक्टिरिया संपर्क में आने वाले सभी जानवरों में फैलता है। लेकिन ये अपना असर बिल्लियों पर दिखा रहा है।
अगर बिल्लियां ऐसे जानवरों के संपर्क में आती हैं जिनमें पहले से ये बैक्टिरिया है, तो उन्हें भी ये हो जाता है।
अगर आपकी बिल्ली को कई दिनों से खांसने, छींकने, वजन घटने और जुखाम जैसी शिकायतें हैं, तो उसे बोवाइन टीबी भी हो सकती है।
उसके शरीर पर चोटों की निशान हैं जो ठीक होने में जरूरत से ज्यादा वक्त ले रहें हैं, तो ये भी कुछ लक्षण हैं।
ब्रिटेन में अब मिल चुके है नौ मामले
ब्रिटेन के हैंपशायर और बर्कशायर में टीबी के हाल ही में नौ से ज्यादा मामले पाए गए हैं।
पालतू बिल्लियों को हम अक्यर प्यार से पुचकारते हुए उन्हें गोद में लेते हैं और चूमते हैं।
लेकिन अगर आपकी बिल्ली में के अंदर बोवाइन बैक्टिरिया है तो, उसके थूक, छोटे से कट के निशान या फिर सांस से भी आपको ये होने का खतरा बढ़ जाता है।
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