कौन कहता है कि औरतों में हिम्मत नहीं होती। 24 साल की सबीना हिम्मत और हौंसले की मिसाल बन गई है। काम करते वक्त सबीना के सिर में तेज धारधार कुल्हाड़ी जा घुसी जो 20 घंटे तक उसके सिर में ही घुसी रही। 20 घंटे बाद डॉक्टरों ने तीन घंटे के ऑपरेशन के जरिए कुल्हाड़ी को निकाल दिया।
मामला बिजनौर के थाना नांगल के सराय आलम गांव का है। काम करते वक्त सबीना नाम की युवती के साथ एक दुर्घटना घटी और और एक कुल्हाड़ी उसके सिर में जा घुसी। चिल्लाने पर आस पास के लोग पहुंचे और सबीना को अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने सिर की स्थिति देखकर हाथ खड़े कर दिए क्योंकि कुल्हाड़ी दिमाग की नस को चीरकर सिर के बीचोंबीच जा घुसी थी। तुरंत ही उसे मेरठ रैफर कर दिया गया।
शाम करीब छह बजे सबीना को मेडिकल कालेज मेरठ की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उसके सिर में कुल्हाड़ी अभी तक फंसी हुई थी। रात में आपरेशन इसलिए नहीं किया जा सका क्योंकि सबीना का ब्लडप्रेशर बिल्कुल लो था। खून चढ़ाने की जरूरत थी। मगर परिवार वालों के नहीं आ पाने के कारण खून के इंतजाम में देर हो गई। देर रात को सबीना को दो बोतल खून चढ़ाया गया। सुबह नौ बजे मेडिकल कॉलेज में लगातार तीन घंटे के आपरेशन के बाद सबीना के सिर से कुल्हाड़ी निकाली गई। सबीना अभी भी कोमा में है। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है।
न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने यह सफल आपरेशन किया। डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने बताया कि सबीना के दिमाग की नस फट गई और हड्डी टूट गई है। आपरेशन के बाद अभी भी वह गंभीर हालत में है। इंफेक्शन लेवल ज्यादा है।