कितनी अजीब बात है कि उसने उस जुर्म की सजा भुगती जो उसने कभी किया ही नहीं था। इंग्लैंड के पोस्टमैन विक्टर निएलॉन को पिछले 17 साल जेल में बिताने पड़े। लेकिन अब वो आजाद हैं और उन्हें ये आजादी एक ब्लाउज की वजह से मिली है।
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दरअसल हुआ यूं कि विक्टर को 1997 में एक किशोरी से रेप करने का दोषी पाते हुए 17 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
सुनवाई के दौरान उनके पास खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए न तो कोई ठोस सुबूत था और न ही न ही कोई चश्मदीद गवाह। वकीलों की लाख कोशिश के बावजूद वो बेगुनाह साबित नहीं हो सके और उन्हें खुद ब खुद अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
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पर पिछले दिनों विक्टर के मामले की जांच कर रही टीम को एक ऐसा सुबूत मिला जिसने पूरे मामले का रुख ही बदल कर दिया। ये सुबूत उस महिला का ब्लाउज था, जिसके साथ रेप करने के आरोप में विक्टर सजा भुगत रहे थे।
महिला के ब्लाउज की जांच की गई। डीएनए टेस्ट में पता चला कि ये डीएनए विक्टर का नहीं बल्कि किसी और का है।
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आजाद होकर विक्टर खुश तो बहुत हैं लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि उनकी जिंदगी के बेशकीमती साल जेल में बर्बाद हो गए। विक्टर अब पुलिस की लापरवाही को देखते हुए उन पर केस करने का विचार कर रहे हैं।